लुधियाना| राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा ने दुर्घटना पीड़ितों के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल पर ट्रामा केयर सेंटर स्थापित करने की सिफारिश की है। उन्होंने इस पहल का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए लोगों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करना बताया। अरोड़ा ने कहा कि सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने कई योजनाओं की शुरुआत की है, जिनमें अधिकारियों को सड़क सुरक्षा उपायों, दुर्घटना जांच, और नागरिक सुविधा के उपायों पर प्रशिक्षण देना शामिल है। केंद्र सरकार ने अब तक इस योजना के तहत 7,713 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है। इसके साथ ही, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न एजेंसियों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इन एजेंसियों ने फर्स्ट रिस्पोंडेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाए हैं, जिससे पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों को दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित किया जा सके। इसके अलावा, एनएचएआई ने एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे ट्रामा और बर्न इंजरी की रोकथाम और प्रबंधन के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस पहल के तहत डॉ आरएमएल अस्पताल, नई दिल्ली में 53 नर्सों और डॉक्टरों को ट्रॉमा प्रबंधन प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। अरोड़ा ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रामा केयर सेंटर की स्थापना को जरूरी बताते हुए कहा कि इससे दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल उपचार मिलेगा और उनकी जान बचाई जा सकेगी।


