अलमारी का लॉक ठीक करने आए, भरोसा जीता और चुरा ले गए सोने-चांदी के गहनों सहित नकदी

भास्कर न्यूज | लुधियाना में ताला-चाबी ठीक करने के बहाने घरों में चोरी करने वाला गिरोह पुलिस के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है। ताजा मामला 5 जनवरी का है, जो इनडोर स्टेडियम की बैकसाइड स्थित मकान नंबर 425-B-36 का है। यहां दो बदमाशों ने 86 वर्षीय बुजुर्ग महिला को चकमा देकर घर से लाखों रुपए के गहने चोरी कर लिए। थाना दुगरी पुलिस को दी शिकायत में कमलेश कालिया (86) ने बताया कि उनकी अलमारी का लॉक काफी समय से ठीक से काम नहीं कर रहा था और वह उसे ठीक करवाने के बारे में सोच रही थीं। वारदात वाले दिन दोपहर करीब 1:30 बजे गली में आवाज आई कि दो युवक ताला-चाबी ठीक करने का काम करते हैं। आवाज सुनकर उन्होंने दोनों युवकों को घर के अंदर बुला लिया। महिला के अनुसार, दोनों आरोपी करीब 30 मिनट तक अलमारी का लॉक खोलने की कोशिश करते रहे। इसी दौरान उन्होंने पीड़िता को पानी लाने के लिए कहा। जब वह पानी लेकर लौटीं तो आरोपियों ने कहा कि यह अलमारी उनसे ठीक नहीं हो पाएगी और किसी अन्य से ठीक करवा लेने की बात कहकर वहां से चले गए। कुछ समय बाद जब महिला ने अलमारी की जांच की तो वह खुली हुई मिली। अलमारी में रखे सोने के गहने, चांदी के सिक्के और नकदी गायब थी। इसके बाद पीड़िता ने अपने परिजनों को मामले की जानकारी दी और थाना दुगरी की पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई। मामले को लेकर थाना दुगरी के एसएचओ गुलजिंदर पाल सेखों ने बताया कि अभी तक आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है, जिस कारण अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मोहल्ले में आवाज लगाकर काम मांगने वालों पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है, इसलिए मरम्मत का काम प्रमाणित दुकान से ही करवाएं। अगर किसी कारीगर को बुलाना मजबूरी हो, तो उससे पहचान पत्र, दुकान का पता और मोबाइल नंबर जरूर लें। घर में बुजुर्ग अकेले हों तो किसी भी अनजान व्यक्ति को अंदर न आने दें, चाहे वह किसी भी सेवा का दावा करे। पानी लाने, फोन सुनने या दूसरे कमरे में बुलाने जैसी बातें अक्सर ध्यान भटकाने के लिए कही जाती हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत सतर्क होकर काम रुकवाएं। ताला ठीक होने के बाद अलमारी, लॉकर और नकदी की तुरंत जांच करें, ताकि किसी भी गड़बड़ी का समय रहते पता चल सके। अन्वेष मंगलम, पूर्व डीजीपी यह पहला मामला नहीं है। बीते वर्ष 2025 में शहर के अलग-अलग इलाकों में इसी तरीके से कई वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है, सभी मामलों में आरोपियों ने पहले ताला ठीक करने का भरोसा जीता और फिर घर के भीतर घुसकर चोरी को अंजाम दिया। हर मामले में एक समान बात सामने आई है कि आरोपी पंजाबी पगड़ीधारी बताए गए हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक किसी भी मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से साफ है कि ताला-चाबी ठीक करने के बहाने सक्रिय यह गिरोह शहर में बुजुर्गों और घर में अकेले रहने वालों को निशाना बना रहा है। बावजूद इसके, बार-बार वारदातों के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। 15 अप्रैल, 2025 को प्रेम नगर, सिविल लाइंस इलाके में ऐसी ही एक वारदात सामने आई थी। यहां एक दंपत्ति ने अपनी अलमारियों के खराब ताले ठीक करवाने के लिए दो लोगों को घर बुलाया था। आरोप है कि दोनों ने दंपत्ति को कथित तौर पर नशीली दवा सुंघाकर बेहोश कर दिया और घर से करीब 10 लाख रुपये के सोने के गहने व 20 हजार रुपये नकद लूट कर फरार हो गए। इस मामले में थाना डिवीजन-8 की पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था, लेकिन जांच अब तक किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। 8 सितंबर, 2025 को फोकल पॉइंट स्थित एचआईजी कॉलोनी में होजरी कारोबारी जसप्रीत सिंह के घर चोरी की वारदात हुई थी। उस समय घर में उनकी मां अकेली थीं। गली से गुजर रहे एक व्यक्ति ने खुद को ताला-चाबी बनाने वाला बताते हुए अलमारी का लॉक ठीक करने की बात कही। आरोपी ने ताला ठीक करने के बहाने अलमारी में रखे गहने चुरा लिए। उस वक्त परिवार को किसी तरह की चोरी का शक नहीं हुआ। कुछ दिन बाद जब लॉकर खोला गया, तब चोरी का खुलासा हुआ। इस मामले में थाना मोती नगर में केस दर्ज किया गया, लेकिन आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। 15 दिसंबर, 2025 को शिवाजी नगर इलाके में भी इसी तरह की वारदात सामने आई थी। अभिषेक कुमार ने पुलिस को बताया कि वह और उनकी पत्नी घर पर मौजूद थे, तभी गली में दो लोग ताला-चाबी ठीक करने की सेवा देते नजर आए। दंपत्ति ने उन्हें अलमारी का खराब ताला ठीक करने के लिए अंदर बुला लिया। आरोप है कि दोनों ने लॉकर की मरम्मत का बहाना बनाकर परिवार का ध्यान भटकाया और लॉकर में रखी कीमती वस्तुओं तक पहुंच बना ली। परिवार को 17 दिसंबर तक किसी भी तरह की गड़बड़ी का अहसास नहीं हुआ। बाद में चोरी का खुलासा होने पर डिवीजन नंबर-3 पुलिस ने दो अज्ञात संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

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