कांग्रेसी और दलित समाज के लोग मंगलवार दोपहर को अलवर शहर के उसी अपना घर शालीमार के राम मंदिर पहुंच गए। जहां एक दिन पहले बीजेपी के पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा गंगाजल छिड़कर आए थे और यह विवादित बयान दिया था कि कांग्रेसी नेताओं के आने से मंदिर अपवित्र हो गया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के आने का विरोध किया था। उसके बाद से प्रदेश भर में सियासत गर्म है। हर तरफ ज्ञानदेव आहूजा के बयान का विरोध है। उसके बाद बीजेपी ने ज्ञानदेव आहूजा को पार्टी से निष्कासित कर दिया और बयान पर सफाई भी मांगी है। कांग्रेस नेताओं के साथ दलित समाज के लोग भी मंदिर गए। सबने गाजे-बाजे पर राम भजन किए। इस दौरान राजगढ़ लक्ष्मणगढ़ के विधायक मांगीलाल मीना और डेयरी चेयरमैन विश्राम गुर्जर नाचे भी। जिलाध्यक्ष बोले- कोई रोक कर दिखाए, हम सबने पूजा की कांग्रेस के जिलाध्यक्ष योगेश मिश्रा ने कहा कि हम सब रामजी के चरणों में है। पैदा भी वही करता है। भाईचारा खत्म करने वालों को पार्टी से निकाला भी जाता है। यह सभी जाति व धर्मों का देश हैं। आहूजा के बयान पर कहा कि ऐसी कुंठित विचारधारा के लोगाें को किसी भी पार्टी में रहने का अधिकार नहीं है। हमने पूर्व चेयरमैन मुकेश सारवान व राकेश बैरवा सहित दलित समाज के साथ भगवान श्रीराम की पूजा की है। यहां सत्संग किया है। हम सब राम के अनुयायी हैं। बीजेपी के नेता भगवान की आड़ में राजनीति करते हैं। अयोध्या में अधूरे मंदिर का शिलान्यास किया था। मंदिर के कार्यक्रम में किसी को बुलाने या नहीं बुलाने से फर्क नहीं पड़ता है। भगवान हमारे दिलों में हैं। इस दौरान महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष कमलेश सैनी, पूर्व चेयरमैन मुकेश सारवान, बलराम यादव, रिपूदमन गुप्ता, जमशेद खान सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।


