“27 अप्रैल की शाम 5 बजे मेरा बेटा कच्ची शराब पीकर घर आया था। इसके बाद नहाया था। थोड़ी देर में उल्टी होने लगी। अपनी मां के कंधे पर सिर रखकर बोला- मां, मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा। मैं उसे गाड़ी करके डॉक्टर को दिखाने ले गया। वहां उसने दम तोड़ दिया।” इतना भर कहते-कहते बुजुर्ग पिता की आंखें भर आती हैं। मुंह से अब एक लफ्ज भी नहीं निकल रहे। अलवर में जहरीली शराब से 6 जानें गई हैं। झकझोर देने वाली इस घटना ने किसी का बेटा छीना तो किसी के माथे से पिता का साया उठ गया। हर ओर मातम है। 26 अप्रैल से शुरू हुआ मौत का सिलसिला लगातार 3 दिन 28 अप्रैल तक चला। प्रशासन ने जहरीली शराब से मौत की पुष्टि नहीं की है। दैनिक भास्कर की टीम जब ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो हकीकत सामने आई। मृतकों के परिवार वालों ने जो भी बयां किया, वह चीख-चीखकर जहरीली (कच्ची) शराब की ओर इशारा कर रहा है। जहरीली शराब का यह कहर अलवर जिला मुख्यालय से करीब 26 किमी दूर सिलीसेढ़ के पास पैतपुर, किशनपुर, बख्तपुरा में बरपा। इन इलाकों में कच्ची शराब का बिकना आम है। इलाके में कोल्डड्रिंक बेचने वाले एक दुकानदार से भास्कर रिपोर्टर ने शराब मांगी तो उसने बेधड़क कहा- कुछ देर रुको, आज शराब आगे से नहीं आई है। 2 और मौतों की आशंका, प्रशासन मान रहा सिर्फ 6 मौतें
पैंतपुर और किशनपुर में जहरीली शराब से तीन दिन में 6 लोगों की मौत हुई है। पहली मौत 26 अप्रैल को पैंतपुर के सुरेश वाल्मीकि (45) की हुई। 27 अप्रैल को किशनपुर के रामकिशोर (47) और बख्तपुरा के रामकुमार (39) की मौत हो गई। 28 अप्रैल को किशनपुर के लालाराम (60), भारत (40) और पैंतपुर के ओमी (65) की जान चली गई। गांव वालों का कहना है कि इनके अलावा दो और मौत जहरीली शराब के कारण हुई है। उधर, प्रशासन के रिकॉर्ड में 6 मौत दर्ज हैं। पिता बोले- गांव की शराब की दुकान पर 30 रुपए में कच्ची शराब मिलती है
भास्कर टीम मृतकों के परिजनों से बात करने बख्तपुरा गांव पहुंची। हम रामकुमार (मृतक) के घर पहुंचे। घर के बाहर मिले पिता बालकिशन ने बताया- बेटा 27 अप्रैल की शाम कच्ची शराब पीकर घर आया था। नहाने के बाद अचानक उल्टी होने लगी। मुझसे बोला – मुझे दिख नहीं रहा। डॉक्टर के पास ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। बेटे को कोई बीमारी नहीं थी। आंखें भी सही थीं। मौत से पहले अचानक दिखना बंद हो गया था। गांव में शराब की दुकान है, जहां कच्ची शराब 30 रुपए में मिलती है। चाचा-भतीजे की मौत, दिखना हो गया था बंद
किशनपुर गांव में रामकिशोर (मृतक) के घर हम पहुंचे। यहां एक ही परिवार में दो मौतें हुई हैं। रामकिशोर के चाचा लालाराम ने भी कच्ची शराब पीकर जान गंवाई है। रामकिशोर के पिता रामजीलाल ने बताया- बेटा 26 अप्रैल को शराब पीकर आया। सुबह पेट में दर्द और मुंह से झाग आने लगे। उल्टी के बाद दिखना बंद हो गया। एंबुलेंस आने से पहले ही मौत हो गई। बेटे के अंतिम संस्कार के कुछ घंटे बाद ही भाई लालाराम की भी मौत हो गई। दोनों ने पड़ोस से कच्ची शराब खरीदी थी। दोनों स्वस्थ थे। कोई बीमारी नहीं थी। शराब पीने के बाद दोनों की जान चली गई। परिवार वाले बोले- शराब पीने से मौत
पैंतपुर के सुरेश वाल्मीकि (मृतक) की चाची सरिता देवी ने बताया- भतीजा (सुरेश) बीमार नहीं था। काम के बाद शराब पीकर आया था। खाना खाकर सो गया। सुबह उठते ही उल्टियां शुरू हो गईं। हॉस्पिटल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। 3 के परिजनों ने शराब से इनकार किया
किशनपुर-सिलीगेढ़ में हुई मौतों पर कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि 7-8 लोगों की मौत की सूचना मिलते ही रेवेन्यू टीम, तहसीलदार अलवर, एसएचओ अकबरपुर और एक्साइज की टीम मौके पर पहुंची। जांच में 6 मौतें सामने आईं। 6 में से 3 मृतकों के परिजनों ने शराब से इनकार किया है। इन तीनों की मौत कीटनाशक, दमा और बीपी से हुई। बाकी 3 मौतें अलग-अलग दिन हुई हैं। सभी के अंतिम संस्कार हो चुके हैं और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं है। CMHO बोले- जहरीली शराब से अंधे हो जाते हैं
CMHO डॉ. योगेंद्र शर्मा ने बताया कि जहरीली शराब पीने से सबसे पहले उल्टी आती है। इसके बाद सिर चकराने लगता है। अधिक सेवन से ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है और व्यक्ति अंधा भी हो सकता है। डॉ. शर्मा ने बताया कि जहरीली शराब में मिथाइल अल्कोहल होता है, जबकि सामान्य शराब में इथाइल अल्कोहल होता है। कच्ची शराब में मिथाइल अल्कोहल होने के कारण यह बॉडी के सिस्टम को बिगाड़ देती है। इसके बाद मल्टी ऑर्गन फेल हो जाते हैं और आंखों पर गंभीर असर पड़ता है। भास्कर की पड़ताल में खुला जहरीली शराब का सच वैध ठेके से शुरू होता है अवैध शराब का खेल
सिलीसेढ़ तिराहे पर स्थित वैध शराब के ठेके से महज 5 किलोमीटर दूर एक गोदाम है। यहां कानूनी तौर पर शराब बेचना अवैध है, लेकिन धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। यहां से आगे गांवों की छोटी दुकानों तक अवैध शराब पहुंच रही है। इसके अलावा नटों की ढाणी के पास कच्ची शराब घरों में बिक रही है। कुछ शराब बाहर से भी यहां के घरों तक सप्लाई की जाती है। ——————
जहरीली शराब से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें.. अलवर में जहरीली शराब ने ली 6 लोगों की जान:एक दिन में 3 लोगों ने दम तोड़ा, दो दिन बाद पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी अलवर में जहरीली शराब ने 6 लोगों की जान ले ली। पहली मौत 26 अप्रैल को हुई थी। लगातार हुईं मौत से जिला प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं। सभी मरने वाले दो गांव (पैंतपुर और किशनपुर) के हैं। इन सभी की उम्र 39 से 60 साल के बीच है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे एरिया में धड़ल्ले से अवैध शराब की बिक्री हो रही है, लेकिन ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। पढ़ें पूरी खबर


