अलवर में करीब 6 दिनों के बाद शनिवार सुबह धूप निकली, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली। हालांकि, गांवों में घना कोहरा छाया रहा। एक दिन पहले शुक्रवार को जिले के आसपास के क्षेत्रों में ओले गिरे और बारिश भी हुई थी, जबकि अलवर में बूंदाबांदी रही। इसके बावजूद, शीतलहर की कंपकंपी अभी भी बरकरार है। धूप निकलने से न्यूनतम तापमान में 2 से तीन डिग्री की बढ़ोतरी हुई है और दिन का तापमान भी तीन से चार डिग्री सेल्सियस बढ़ने की संभावना है। हालांकि, सुबह के समय हल्का कोहरा भी रहा। अलवर जिले में 31 दिसंबर से सर्दी चरम पर है। लगातार कोहरा व शीतलहर का असर रहा और दिन में बादल छाए रहने से शीतलहर की चुभन बनी रही। इस कंपकंपी ने आमजन के जनजीवन को प्रभावित किया, जिससे कभी कोहरा घना हो जाता तो कभी शीतलहर तेज होने से बाइक सहित अन्य वाहन चलाना मुश्किल रहा। शनिवार सुबह सूर्य देव निकलने से आमजन को चुभन वाली सर्दी से कुछ राहत मिली है। शनिवार को बादल भी नहीं हैं, जिसके कारण दिन का तापमान बढ़ने की संभावना है। पिछले एक सप्ताह जैसी कड़ाके की सर्दी से अब कुछ राहत मिली है। यह सर्दी फसलों के लिए अच्छी है। एक दिन पहले ओले भी बानसूर सहित आसपास के क्षेत्रों में गिरे हैं। हालांकि उससे बहुत ज्यादा नुकसान नहीं है। लेकिन मावठ से बड़ा फायदा हुआ है। कुछ हिस्सों में केवल बूंदाबांदी है। मावठ नहीं होने से फायदा नहीं हुआ है। लेकिन आगामी दिनों में भी सर्दी बरकरार रहने से फसल अच्छी होने की संभावना है। अभी गेहूं की फसल छोटी है। कई जगहों पर सरसों की फसल अगेती है। वहां पारा जमाव बिंदू पर जात है तो नुकसान भी हो सकता है।


