अलीगढ़ में बाउंड्री तोड़ने पर एडीए की टीम से हाथापाई:अवैध निर्माण पर ध्वस्त करने गए अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के अधिकारी–कर्मचारी, गलत जगह कर दी कार्रवाई

अलीगढ़ के थाना लोधा के गांव जतनपुर चिकावटी में किसान की बाउंड्रीवाल ध्वस्त करने पर ग्रामीणों ने एडीए की टीम के साथ नोकझोंक और हाथापाई कर दी। बुलडोजर लेकर ग्रामीणों के बीच में फंसे एडीए के अवर अभियंता ने किसी तरह पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से एडीए की टीम को मौके से निकाला। अवैध निर्माण के खिलाफ चल रहा है अभियान एडीए ने लगातार अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान चला रखा है। शुक्रवार को भी एडीए के अवर अभियंता अनिल सिंह टीम के साथ खेरेश्वर और उसके पास हो रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त करने पहुंचे। खैर रोड पर वाटर पार्क के सामने अवैध तरीके से बन रही कॉलोनी को ध्वस्त करने के बाद टीम जतनपुर चिकावटी गांव पहुंच गई। प्लॉट पर किसान ने कराई थी बाउंड्री जतनपुर चिकावटी में टीम ने पहुंचकर एक प्लॉट पर हो रही बाउंड्री को तोड़ दिया। इसकी जानकारी पर ग्रामीण एकत्रित होने लगे। थोड़ी ही देर में किसान और महिलाएं भी मौके पर पहुंच गईं। एडीए की टीम के अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने की बात पर ग्रामीण भड़क गए और नोकझोंक शुरू हो गई। कुछ लोगों ने टीम के साथ हाथापाई भी की। बाउंड्री करवाने की जिद पर अड़े ग्रामीण ग्रामीणों के आक्रोशित होने पर एडीए के अवर अभियंता अनिल सिंह ने अवैध निर्माण की फाइल ग्रामीणों को दिखाई। फाइल देखने पर पता चला कि, एडीए की टीम ने गलत बाउंड्री को तोड़ दिया है। वह एडीए की कार्रवाई में शामिल ही नहीं था और ना ही पहले कभी किसान को नोटिस दिया गया है। इसके बाद ग्रामीणों ने एडीए की गाड़ी और बुलडोजर को घेर लिया और बाउंड्री का निर्माण कराने की जिद पर अड़ गए। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर निकाली टीम ग्रामीणों से घिरे एडीए के अवर अभियंता ने किसी तरह पुलिस को सूचना दी। जानकारी पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण पुलिस के सामने में एडीए की टीम से उलझते रहे। बाद में किसी तरह पुलिस ने लोगों को समझाकर टीम को मौके से निकाला। सुरपवाइजर की गलती पड़ी भारी अवर अभियंता अनिल सिंह ने बताया कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ लगातार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। पहले वाटर पार्क पर अवैध कॉलोनी को ध्वस्त किया था, इसके बाद सुपरवाइजर ही वहां ले गया। उनको प्रवर्तन की अधिक जानकारी नहीं है। इसीलिए गलती कार्रवाई हो गई। ग्रामीणों से नोकझोंक हुई थी, लेकिन बाद में मामला शांत हो गया।

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