अलीगढ़ में सास को लेकर दामाद भागा:बेटी की तबीयत बिगड़ी, बोलीं- कहीं भी जाकर मरें; पति बोला- बस एक बार मुझसे मिलवा दो

अलीगढ़ में बेटी की शादी से 10 दिन पहले 38 साल की सास को लेकर 25 साल का दामाद भाग गया। छह महीने पहले महिला की बेटी का रिश्ता तय हुआ था। तभी सास ने दामाद को मोबाइल गिफ्ट किया था। दोनों में बात होती रही और मोहब्बत हो गई। दामाद अक्सर अपनी ससुराल आता था। कमरे में सास से घंटों बातें करता था। किसी ने दोनों पर शक भी नहीं किया। बेटी की शादी के लिए घर में रखे 5 लाख के जेवरात और 3.5 लाख कैश भी महिला घर से ले गई है। अब समाज में पूरे परिवार का मजाक बन रहा। मां की करतूत से बेटी को सदमे में है। वह बीमार हो गई है। जब बेटी से मां के बारे में पूछा गया तो वह गुस्से में बोली- दोनों कहीं भी जाकर मरें। अब हमारे परिवार को उनसे कोई लेनादेना नहीं। बस पुलिस हमारे गहने और रुपए वापस करा दे। मेरे पिता ने यह सब अपनी मेहनत के रुपए से जोड़कर बनवाया था। पति ने कहा- पुलिस एक बार बस पत्नी से मेरी मुलाकात करा दे। लड़का पिता से बोला- मुझे अब ढूंढना मत
मडराक थाना के गांव मनोहरपुर कायस्थ निवासी जितेंद्र कुमार की बेटी शिवानी की शादी 16 अप्रैल को दादों थाना के गांव रिया नगला निवासी होरीलाल के बेटे राहुल के साथ होनी थी। लेकिन, शादी के 10 दिन पहले 6 अप्रैल को शिवानी की मां अनीता घर से गायब हो गई। वहीं, दूसरी ओर राहुल भी अपने घर से कपड़े खरीदने की बात कहकर निकला, फिर वापस नहीं आया। अलीगढ़ से बाहर निकलते ही दोनों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए। एक दिन लड़के ने अपने पिता को फोन करके कहा कि मुझे ढूंढना मत, मैं वापस नहीं आऊंगा। जब परिवार के लोगों ने पता किया तो जानकारी हुई कि सास भी गायब है। दिन में 14 घंटे सास-दामाद में होती थी बात
परिवार के लोगों ने बताया- दोनों परिवारों के बीच लगभग 6 महीने पहले शादी की बातचीत तय हुई थी। इसके बाद से ही दोनों परिवारों के बीच नजदीकियां बढ़ी। राहुल का भी शिवानी के घर आना-जाना शुरू हो गया। दोनों परिवार के लोग एक-दूसरे से बात करते थे। राहुल की बात अपनी सास से भी होती थी। इसी बीच उनके बीच की नजदीकियां बढ़ गईं। दोनों के बीच लंबी बातें होने लगीं। परिवार के लोगों ने बताया- लगभग 4 महीने से दोनों के बीच दिन-दिनभर बातें होती थी। दोनों 14-14 घंटे बात किया करते थे। लेकिन, परिवार के लोगों ने कभी ध्यान नहीं दिया। बेटी से ज्यादा समय दामाद सास को देता था
फरार महिला के पति जितेंद्र कुमार ने बताया- उसकी पत्नी और होने वाले दामाद के बीच दिन-दिनभर बातें होती थी। इतनी बात दामाद उनकी बेटी से कभी नहीं करता था। इसी बात को लेकर उन्हें संदेह हो रहा था। लेकिन, शादी की तारीख नजदीक आ रही थी, इसलिए वह बातों को नजरअंदाज कर रहे थे। जितेंद्र ने बताया- वह बेंगलुरु में रहकर व्यापार करता है। इसी से उसके परिवार का खर्च चलता है। अभी भी वह पिछले तीन महीने से बेंगलुरु में ही था, लेकिन उसे अपनी पत्नी के बारे में लगातार परिवार के लोगों से सूचना मिल रही थी। जिस दिन दोनों गायब हुए, उस दिन भी पत्नी से रात 10 बजे तक बात होती रही। पति बोला- मेरे सामने लाओ, उसकी शक्ल तो देखूं
पत्नी की शर्मनाक हरकत से परेशान होकर जितेंद्र कुमार ने कहा- अब उन्हें अपनी पत्नी से कोई मतलब नहीं है। उसने जो किया है, वह माफ करने के भी लायक नहीं। बेटी की शादी के कार्ड बंट गए थे। सभी रिश्तेदार कार्यक्रम की तैयारियां कर रहे थे। लेकिन, इस महिला ने अपनी ही बेटी का जीवन खराब कर दिया। पुलिस बस एक बार हमारी पत्नी को पकड़कर मेरे सामने ले आए। मैं अपनी पत्नी की शक्ल देखना चाहता हूं। उससे यह सवाल करना चाहता हूं कि आखिर उसने अपनी बेटी के साथ ऐसा क्यों किया। सर्विलांस टीम जुटी, दोनों के मोबाइल बंद
महिला के पति ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पत्नी जाते समय 3.5 लाख नकद और 5 लाख के जेवर भी ले गई। पुलिस ने मामले में गुमशुदगी दर्ज की है। वहीं, युवक के परिवार वाले किसी से भी बात करने से बच रहे हैं। उन्होंने पुलिस से कोई शिकायत भी नहीं की। महिला और युवक के मोबाइल की आखिरी लोकेशन पुलिस को जिले के अंदर ही मिली थी। इसके बाद दोनों के मोबाइल बंद हो गए। अब सर्विलांस टीम लगातार दोनों को ट्रैस कर रही है, जिससे कि जल्द इन्हें बरामद करके मामले को सुलझाया जा सके। सीओ इगलास महेश कुमार ने बताया- घर से गायब हुए महिला और युवक दोनों ही बालिग हैं। वह अपना अच्छा-खराब सोचने के लिए स्वतंत्र हैं। इसलिए कानूनी तौर पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। लेकिन, महिला के परिवार ने लिखित शिकायत दी है कि वह घर से जेवर और नकदी लेकर गई है। इसलिए गुमशुदगी दर्ज कर सर्विलांस और थाने की टीम को जांच में लगाया गया है। जल्द ही पुलिस महिला को बरामद कर लेगी। ——————- ये खबर भी पढ़िए- 30 महीने में 25 बच्चे पैदा किए, 5 बार नसबंदी: आगरा में बड़ा घोटाला; महिला बोली- भाई कागज पर अंगूठा लगवाता था ‘मेरे दो बेटे हैं। पहला 2014 में हुआ, दूसरी डिलीवरी 2017 में हुई। इसके बाद मैंने नसबंदी करा ली। मुझे 8 अप्रैल को पता चला कि मेरी ढाई साल में 25 बार डिलीवरी हुई है। ऐसा कैसे हो सकता है?’ यह सवाल है आगरा के फतेहाबाद में रहने वाली कृष्णा कुमारी का। उन्होंने कहा- जो कागज मुझे दिखाए गए, उसके मुताबिक 5 बार मेरी नसबंदी भी करवा दी गई। यह काम मेरे बुआ के बेटे ने किया है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

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