अवैध कब्जा: 27 फ्लैटों की बिजली काटने का आदेश फाइल में कैद, जमीन पर शून्य

अवैध कब्जाधारियों से वैध रुप से रह रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ी रांची विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा एक माह पहले एक दिसंबर को मोरहाबादी स्थित विश्वविद्यालय के 27 आवासीय फ्लैट में अवैध रूप से रह रहे लोगों की बिजली काटने के लिए आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखा गया था। पत्र विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ गुरु चरण साहू के हस्ताक्षर से भेजा गया था और इसमें अवैध कब्जे वाले फ्लैटों की लिस्ट भी दी गई थी। इसके बावजूद न तो आज तक बिजली काटी गई और न ही बिजली विभाग की ओर से विश्वविद्यालय को कोई जवाब दिया गया। इस स्थिति से न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि अवैध कब्जा बना रहने से विश्वविद्यालय को लगातार राजस्व और संसाधनों का नुकसान हो रहा है। इससे पूरे मामले में प्रशासनिक उदासीनता और कार्यसंस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विवि प्रशासन द्वारा आंतरिक उपायों के बाद बिजली काटने का विकल्प उठाया गया था। इससे पहले यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा अवैध फ्लैटों को खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया था, जिसका कब्जाधारियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। जिन लोगों पर कार्रवाई होनी है, वे न विवि के कर्मचारी हैं, न किसी संविदा पर हैं, न किसी प्रकार का किराया देते हैं। इसके बावजूद वे वर्षों से सरकारी आवासों में रह रहे हैं, जिससे विवि को सीधे तौर पर राजस्व का नुकसान हो रहा है और सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग हो रहा है। अवैध रूप से रह रहे लोगों के कारण विवि के वास्तविक कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई वैध कर्मी आवास के लिए प्रतीक्षा सूची में हैं। वहीं अवैध कब्जाधारी सीधे तौर पर रांची विवि से किसी भी तरह से जुड़े हुए नहीं हैं। वैध कर्मियों में असुरक्षा का माहौल है। रांची विवि के पत्र के आलोक में एक माह बीत जाने के बाद अब तक बिजली विभाग की ओर से किसी प्रकार जवाब नहीं दिया गया। न तो कोई लिखित उत्तर आया, न बिजली काटी गई, न ही कोई समय सीमा बताई गई। इससे प्रक्रिया एकतरफा और अधूरी बनी हुई है। कब्जाधारियों ने सुविधा के अनुसार अवैध निर्माण भी करा लिया है। यह है अवैध कब्जे वाले फ्लैटों की लिस्ट

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