अवैध खनन का मामला:22 केस में जब्त 1.33 टन, मौके पर मिला 12.10 लाख टन खनिज

कोलायत तहसील के गंगापुरा एरिया में अवैध खनन-निर्गमन के 22 मुकदमों में 1.33 लाख टन खनिज जब्त हुआ, जबकि मौके पर जाकर ढेरियां संभाली तो 12.10 लाख टन तो पड़ा मिला है। खनन माफिया के लोगों ने चार सालों में इससे कहीं ज्यादा क्ले, मुर्रम और अन्य खनिज बेच खाया।कोलायत तहसील के गंगापुरा एरिया में वर्ष, 21 से जनवरी, 24 तक क्ले और अन्य खनिजों का जमकर अवैध खनन और निर्गमन हुआ है। इस दौरान पुलिस थाने में दर्ज हुए 22 मुकदमे भी दर्ज हुए। इनकी पड़ताल की गई तो सामने आया कि पुलिस ने मामलों की जांच कर 17 मुकदमों में कोर्ट में चालान पेश किया और दो में एफआर लगाई। कुल 1,32,771 टन क्ले, मुर्रम जब्त किया गया। जबकि, पिछले दिनों खनि अभियंता और भू वैज्ञानिक मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया तो सामने आया कि 12.10 लाख टन क्ले तो मौके पर ही पड़ा है। खान महकमा अब इसे ऑक्शन कर रेवन्यू जुटाएगा। गंगापुरा, शरह किशनायत, किशनायत बुधान और शिव सुथारान में खनन माफिया चार साल बेखौफ अवैध खनन करते रहे और सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया। इस दौरान खान महकमे ने तीन मामलों में 5,84,350 रुपए की पैनल्टी वसूल की, लेकिन माफिया ने करोड़ों रुपए का खनिज बेच खाया। 12.10 लाख टन क्ले कब्जे में लिया, होमगार्ड तैनात किए खान एवं भूविज्ञान विभाग ने गंगापुरा में मौके पर पड़े 12.10 लाख टन क्ले को कब्जे में ले लिया है। एसडीएम कोलायत राजेश नायक की देखरेख में एमई धीरज पंवार, फोरमैन रमेश गहलोत, हल्का पटवारी गंगापुरा रघुवीरसिंह, पटवारी शिव सुथारान राजवीरसिंह पटवारी किशनायत बुधान हेतराम जाखड़ मौके पर पहुंचे। वहां लगी खनिज 74 ढेरियों को मार्क किया। कब्जे में लिए गए क्ले की सुरक्षा के लिए मौके पर होमगार्ड के जवान तैनात कर दिए गए हैं। गंगापुरा मामले में केवल एमई ही निलंबित क्यों? कोलायत के गंगापुरा और उसके आसपास अवैध खनन, निर्गमन और भंडारण के मामले में केवल बीकानेर एमई एमपी पुरोहित की लापरवाही मानकर उसे निलंबित किया गया। जबकि, वहां खनन माफिया चार सालों से सक्रिय था। इस दौरान अवैध खनन होता रहा और खनि अभियंताओं, कार्मिकों, क्षेत्र के राजस्व अधिकारियों और उनके कार्मिकों को जानकारी ही ना हो, ऐसा संभव नहीं। सवाल उठने लगा है कि अवैध खनन के दौरान कार्यरत रहे एमई, एसएमई और अन्य कार्मिकों की भी जिम्मेदारी थी। उनके खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं की गई। अधिकारियों को केवल 80 टन भंडारण मिला था गंगापुरा में खनन माफिया सितंबर, 21 से जनवरी 24 करोड़ों रुपए का अवैध खनन और निर्गमन करते रहे। लेकिन, खान महकमे के अधिकारियों को वर्ष, 21-22 में मौके पर केवल 80 टन खनिज का ही भंडारण मिला जिस पर 1,12,500 रुपए की पैनल्टी वसूली गई। शेरसिंह के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ जिसमें पुलिस ने प्रमाणित मानकर कोर्ट में चालान पेश कर दिया। जबकि, पिछले दिनों किए निरीक्षण में 12.10 लाख टन क्ले की ढेरियां मौके पर मिली हैं। गंगापुरा मामले में केवल एमई ही निलंबित क्यों

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *