श्योपुर की चंबल नदी में जमूर्दी घाट पर अवैध रेत खनन रुकने के बाद घड़ियाल और मगरमच्छ जैसे जलीय जीव फिर से नदी किनारे धूप सेंकते नजर आ रहे हैं। यह दृश्य जलीय जीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।पहले चंबल नदी के 15 से अधिक घाटों पर अवैध रेत खनन से जलीय जीवों प्रभावित हो रहे थे। खनन से होने वाले शोर और गतिविधियों के कारण ये जीव धूप सेंकने के लिए भी नदी से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। रघुनाथपुर का जमूर्दी घाट भी इन प्रभावित क्षेत्रों में से एक था। दैनिक भास्कर डिजिटल ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। हालांकि, रेत माफिया के वाहनों को पकड़ने में सफलता नहीं मिली, लेकिन प्रशासन ने जेसीबी की मदद से लगभग 300 ट्रॉली से अधिक अवैध रेत के स्टॉक को नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई के बाद कई घाटों पर अवैध खनन बंद है। अब जमूर्दी घाट का नजारा बदल गया है।


