अवैध डेयरी बूथ चलाने वालों पर होगी एफआईआर:तीन दिन में हटाने के निर्देश जारी, निगम ने हटाया तो खर्चा भी वसूलेंगे

कोटा नगर निगम सीमा क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित हो रहे अवैध डेयरी बूथों के खिलाफ नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। नगर निगम आयुक्त ओ.पी. मेहरा ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ऐसे सभी अवैध डेयरी बूथ संचालक तीन दिन के अंदर खुद अपने बूथ हटा लें। तय समय-सीमा के बाद नगर निगम की ओर से सख्ती से एक्शन लेते हुए ये अतिक्रमण हटाए जाएंगे। आयुक्त मेहरा ने बताया कि शहर के विभिन्न इलाकों में कई डेयरी बूथ बिना निगम की अनुमति के संचालित किए जा रहे हैं। जांच में सामने आया है कि कई स्थानों पर डेयरी उत्पादों की आड़ में पान, गुटखा, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री की जा रही है, जो न केवल निगम नियमों बल्कि कानून-व्यवस्था के भी खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जिन बूथों पर नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। इसके अलावा नगर निगम द्वारा की जाने वाली कार्रवाई में आने वाला पूरा खर्च भी संबंधित बूथ संचालकों से वसूला जाएगा। गौरतलब है कि पिछले तीन दिन से शहर में निगम की तरफ से अभियान चल रहा है। जिसके तहत डेयरी बूथों पर निगम की टीमें जांच कर रही है। डेयरी उत्पादों के अलावा नशे की सामग्री जब्त की जा रही है। जांच में सामने आया कि जिन डेयरी बूथ संचालकों के पास निगम की एनओसी है, लेकिन उन्होंने आवंटित स्थान से अधिक क्षेत्र में अतिक्रमण कर रखा है या डेयरी उत्पादों के अलावा अन्य वस्तुओं की बिक्री कर रहे हैं। इसके अलावा कई ने एनओसी सबलेट कर रखी है। कई ऐसे भी हैं जिनके पास एनओसी नहीं है लेकिन बूथ संचालित कर रहे है। उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई है। ऐसे संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल आवंटित स्थान पर और केवल डेयरी उत्पादों का ही व्यापार करें। नियमों की अनदेखी करने पर ऐसे बूथों को सीज कर दिया जाएगा और उनका आवंटन निरस्त किया जाएगा। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर की साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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