पाली के मंडिया रोड औद्योगिक क्षेत्र में बांडी नदी में अवैध रूप से बिछाई गई पाइप लाइन मिलने के बाद बुधवार दूसरे दिन भी कार्रवाई जारी रही। प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम ने तीन JCB मशीनों की मदद से खुदाई करवाते हुए औद्योगिक क्षेत्र की गलियों तक पहुंच गई है। बांडी नदी को प्रदूषण से मुक्त करने की यह मुहिम अब सिर्फ जांच नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने की दिशा में बढ़ता कदम बन चुकी है।
जमीन के नीचे दबा सच अब बाहर आने लगा है और उसके साथ, दोषियों पर शिकंजा कसता जा रहा है। बता दे कि मंगलवार को टीम को खुदाई के दौरान मंडिया रोड ट्रीटमेंट प्लांट एक-दो के पीछे दो अवैध पाइप लाइन मिली थी। यह पाइप लाइन कहा से आ रही है इसकी तलाश में गुरुवार दूसरे दिन भी तीन जेसीबी से खुदाई जारी रही। नदी से लेकर औद्योगिक क्षेत्र की गलियों में खुदाई की जा रही है।
आशंका है कि इन्हीं पाइपलाइनों के जरिए फैक्ट्रियों का रसायनयुक्त पानी बांडी नदी में छोड़ा जा रहा था। रिटार्यड जज लोढ़ा की नाराजगी के बाद एक्शन मोड में विभाग
गौरतलब है कि गत महीने सेवानिवृत्त न्यायाधीश संगीत लोढ़ा और उनकी टीम ने पाली औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया था। इस दौरान बांडी नदी के प्रदूषित पानी को देखकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई थी और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण मंडल पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया। अब तक कोतवाली और सदर थाने में तीन मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। वहीं, अलग-अलग स्थानों पर चार अवैध पाइपलाइन पकड़ी जा चुकी हैं, जिनके जरिए नदी में रंगीन पानी छोड़ा जाने का शक है। रीको ने भी मलवा हटाने का काम किया तेज
प्रदूषण के खिलाफ इस लड़ाई में रीको (RIICO) भी पीछे नहीं है। रीको के क्षेत्रीय अधिकारी डी.के. झा ने बताया कि रिटायर्ड जज लोढ़ा और उनकी टीम के निर्देशों के तहत ट्रीटमेंट प्लांट नंबर 1, 2 और 5 के पीछे जमा मलवा को हटाने का कार्य किया जा रहा है। अब तक करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और शेष कार्य अगले तीन से चार दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।


