शहर के नागरिकों को अवैध पार्किंग वसूली से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया। मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) की बैठक में अब हर पार्किंग का ठेका अलग-अलग देने के प्रस्ताव को पहली बार मंजूरी दे दी गई है। अभी तक निगम 4-5 पार्किंग का एक समूह बनाकर टेंडर जारी करता था, जिसके कारण पिछले दो सालों से कोई ठेकेदार आगे नहीं आया। हालात यह हैं कि शहर की 47 पार्किंगों में से निगम सिर्फ 10 ही चला पा रहा है। बाकी 37 में निगम के नाम पर अवैध वसूली चल रही है। अलग-अलग ठेका देने के प्रस्ताव से न केवल निगम का राजस्व बढ़ेगा, बल्कि आम लोगों को मनमानी वसूली से छुटकारा मिलेगा। वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक पार्किंग से कुल ₹1 करोड़ 51 लाख 47 हजार 500 की आय प्राप्त हुई है, जिसमें ठेके पर दी गई न्यू मार्केट की तीन प्रीमियम पार्किंग से ₹1 करोड़ 3 लाख 41 हजार 500 रुपए की आय शामिल है। निगम के पास यह पार्किंग यह प्रस्ताव पास हुए


