भास्कर संवाददाता । मुरैना जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ वन विभाग ने देर रात कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर रेत से भरे एक डंपर को पकड़ा और मौके से चालक को गिरफ्तार कर लिया। इस अभियान में दो दर्जन से अधिक वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। रेत माफिया राजघाट पिपरई क्षेत्र में चंबल नदी से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर डंपर में भरकर उसे ग्वालियर की ओर ले जा रहा था। सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने सराय छोला थाना क्षेत्र में घेराबंदी कर डंपर को रोक लिया। वन विभाग द्वारा जब्त की गई अवैध रेत और डंपर की अनुमानित कीमत करीब 35 लाख रुपए बताई जा रही है। कार्रवाई के बाद जब्त वाहन को विभागीय अभिरक्षा में लेकर वन अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।स्थानीय लोगों का कहना है वन विभाग की टीमें कभी-कभार एक-दो डंपर या ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़कर कार्रवाई की औपचारिकता पूरी कर देती हैं, जबकि बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। डीएफओ कार्यालय से 200 मीटर पर अवैध बालू मंडी सबसे चौंकाने वाली स्थिति यह है कि जिला मुख्यालय स्थित वन विभाग के डीएफओ कार्यालय से महज 100 से 200 मीटर की दूरी पर अवैध रेत का खुला भंडारण किया जा रहा है। सुबह होते ही बैरियर चौराहे और आसपास का पूरा नेशनल हाईवे अवैध रेत मंडी में तब्दील हो जाता है। यहां हर दिन दो सौ से अधिक ट्रॉली चंबल की अवैध रेत की खरीद-फरोख्त होती है। हाईवे पर रेत से भरी ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगने से आए दिन सड़क हादसे भी हो रहे हैं। इसके बावजूद वन विभाग और संबंधित एजेंसियां इन अवैध मंडियों पर सख्त कार्रवाई करने से बचती नजर आ रही हैं।


