कृषि उपज मंडी समिति के सचिव कौशल शर्मा के नेतृत्व में टीम ने अवैध व्यापारिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ऊँचा नगला क्षेत्र के पास की गई इस कार्रवाई में सरसों से भरे 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा। जांच के दौरान किसी भी ट्रैक्टर चालक के पास सरसों के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज या मंडी गेट पास नहीं पाए गए। विभाग ने इन सभी पर संयुक्त रूप से 50,166 रुपए का जुर्माना लगाया है। मंडी सचिव कौशल शर्मा ने बताया कि पकड़े गए ट्रैक्टरों में से कुछ रूपवास और कुछ बसेड़ी क्षेत्र से आ रहे थे। ऊँचा नगला के समीप जब इन वाहनों को रुकवाकर कागजों की मांग की गई, तो चालक कोई भी संतोषजनक दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। इसके बाद सभी वाहनों को मंडी प्रशासन ने अपनी हिरासत में लेकर नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की। सचिव ने कहा कि टैक्स चोरी और अवैध भंडारण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी दिनों में भी छोटी मंडियों और रास्तों पर निगरानी जारी रहेगी। उन्होंने व्यापारियों से अपील की है कि वे सरकार द्वारा निर्धारित मंडी शुल्क जमा कर वैध रसीद के साथ ही माल का परिवहन करें। 3 प्रतिशत की दर से वसूला गया टैक्स और जुर्माना नियमों का उल्लंघन करने पर मंडी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सचिव ने जानकारी दी कि प्रति 100 किलो (1 क्विंटल) पर 1.50% का मूल टैक्स देय है। अवैध परिवहन पाए जाने पर टैक्स के बराबर ही यानी 1.50% की अतिरिक्त पेनल्टी लगाई गई। प्रत्येक ट्रैक्टर पर कुल 3% की दर से टैक्स वसूला गया, जिसकी कुल राशि 50,166 रुपए वसूली गई। दलालों का नेटवर्क: ऑन-कॉल तय होते हैं ठिकाने जांच में सामने आया कि क्षेत्र में दलालों का एक बड़ा सिंडिकेट सक्रिय है। ये गांवों और छोटी मंडियों से कम दामों पर सरसों की खरीद करते हैं। कौशल शर्मा ने बताया दलाल सरसों सीधे तेल मिलों को बेच देते हैं ।


