अशोकनगर में गीता दिवस के कार्यक्रम का हुआ आयोजन:कलेक्टर ने कहा- गीता के ज्ञान और इसके महत्व को जीवन में आत्‍मसात करें

अशोकनगर की पठार स्थित सरस्वती विद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय गीता दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में कलेक्टर सुभाष कुमार द्विवेदी शामिल हुए। इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि गीता के ज्ञान और इसके महत्व को जाने व जीवन में आत्मसात करें। साथ ही गीता हमारे लिये न केवल पवित्र ग्रंथ है बल्कि जीवन की सार्थकता सिद्ध करने का मार्ग भी है। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्‍वती व भगवान श्रीकृष्‍ण जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्‍जवलित व माल्‍यार्पण कर किया गया। साथ ही गीता श्‍लोक एवं गीता वंदना की प्रस्‍तुति छात्र-छात्राओं द्वारा दी गई। कलेक्‍टर ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन के रहस्य की जो बात श्रीमद् भागवत गीता में समझाई है वह हम सभी के लिये पाथेय के रूप में है जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र निर्माण के लिये प्रासंगिक है। भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत की युद्ध भूमि कुरूक्षेत्र में कौरवों और पांडवों के बीच अर्जुन को कर्मयोग की शिक्षा दी, जिससे पवित्र गीता का अवतरण हुआ। श्रीमद्भगवद गीता आज भी पूरे संसार के लिए एक अद्भुत ग्रंथ है। संसार के लगभग प्रत्येक देश ने अपनी स्वभाषा में गीता का अनुवाद किया और विश्वविद्यालयों ने शोध किया। व्यक्तित्व विकास की आधुनिक पुस्तकों में ऐसा कोई सूत्र नहीं जिसका वर्णन श्रीमद्भगवद गीता में न हो। श्रीमद्भगवद गीता भारतीय दर्शन और चिंतन का मूल आधार है, जो सत्कर्म के माध्‍यम से मनुष्‍य को अपने में ही दिव्‍यता का अनुभव करा देती है। यह समस्‍त मानव समाज को स्‍व-धर्म का आत्‍मबोध देती है और सच्‍चे कर्तव्‍य पथ की ओर प्रशस्‍त करती है। गीता के सस्वर पाठ का हुआ वाचन
कार्यक्रम में स्‍कूली छात्र-छात्राओं द्वारा श्रीमद् भागवत गीता के कर्म योग अध्याय (11,12 व 15) का श्‍लोक व सस्वर पाठ का वाचन किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से कर्म योग अध्याय को दोहराया। कार्यक्रम में गीता के विद्धवानों ने गीता के महत्व व व्यावहारिक जीवन पर केन्द्रित व्याख्यान दिया। साथ ही उन्‍होंने गीता के सार को विस्‍तार से बताया। प्रश्‍नोत्‍तरी का हुआ आयोजन
कार्यक्रम में श्रीमद् भागवत गीता से संबंधित प्रश्‍नों को उपस्थित छात्र-छात्राओं से पूछा गया। इस दौरान कलेक्‍टर सुभाष कुमार द्विवेदी सहित उपस्थित अतिथियों द्वारा संवाद कर प्रश्‍न पूछे गए। बच्‍चों द्वारा सही उत्‍तर देने पर उन्‍हें पुरूस्‍कृत किया गया। सांस्‍कृतिक कार्यक्रम की दी प्रस्‍तुति कार्यक्रम में स्‍कूली छात्र-छात्राओं द्वारा भगवान श्रीकृष्‍ण जी के जीवन पर आधारित झांकी की प्रस्‍तुति दी गई। साथ ही राधा-कृष्‍ण लीला पर आधारित नृत्‍य की प्रस्‍तुति दी गई। इसके साथ ही संजय साहू द्वारा श्रीकृष्‍ण पर आधारित मनमोहक भजन की प्रस्‍तुति दी गई। पुरूस्‍कार का किया वितरण कार्यक्रम में कलेक्‍टर ने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव अंतर्गत जिले के स्‍कूली बच्‍चों को विभिन्‍न गतिविधियों में भाग लेने पर उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन करने पर पुरूस्‍कृत किया गया। इस अवसर पर श्‍लोक प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने पर श्रीकृष्‍णा शर्मा को प्रथम, ईसी यादव को द्वितीय तथा तिथी शर्मा को तृतीय पुरूस्‍कार, चित्रांकन प्रतियोगिता में शलोनी प्रजापति को प्रथम, निमीता अहिरवार को द्वितीय बवीता विश्‍वकर्मा, तृतीय पुरूस्‍कार व निबंध लेखन में शीतल प्रजापति को प्रथम, नैतिक यादव को द्वितीय और विनय मिश्रा को तृतीय पुरूस्‍कार से सम्‍मानित किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को सात्‍वंना पुरूस्‍कार से दिया गया।

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