अशोकनगर जिले में भारतीय जनता पार्टी के दो बड़े नेता आमने-सामने आ गए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष राव अजय प्रताप सिंह यादव ने ईसागढ़ थाना प्रभारी (SI) मीना रघुवंशी को हटाने की मांग की है। मीना रघुवंशी चंदेरी से भाजपा विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी की पुत्रवधू हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर SI पर भ्रष्टाचार और राजनीतिक संरक्षण में काम करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि SI को तत्काल नहीं हटाया गया तो जन आंदोलन हो सकता है। पत्र में आरोप- क्षेत्र में फल-फूल रहीं अवैध गतिविधियां
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि थाना प्रभारी मीना रघुवंशी एक प्रभावशाली जनप्रतिनिधि की पुत्रवधू होने का फायदा उठा रही हैं। उनके संरक्षण में ईसागढ़ थाना क्षेत्र में जुआ, सट्टा, अवैध शराब, गांजा, चरस और रिश्वतखोरी जैसी अवैध गतिविधियां फल-फूल रही हैं। उन्होंने लिखा कि SI झूठे मामले दर्ज कर आम जनता से पैसे वसूल रही हैं, जिससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हो रही है। ‘SI के पति के इशारे पर चलता है थाना’
जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने कहा, “मैं भी इसी क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य हूं। यहां जमीन हड़पने के लिए झूठे मुकदमे लगाए जा रहे हैं। लोगों को काफी परेशान किया जा रहा है। सब इंस्पेक्टर मीना रघुवंशी के पति के अनुसार ही थाना चलता है।” सिंधिया और आईजी से भी की शिकायत
अजय प्रताप सिंह ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और सीएम से भी मौखिक शिकायत की थी। सोमवार को उन्होंने मुख्यमंत्री और आईजी को भी पत्र लिखकर थाना प्रभारी को जल्द से जल्द हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि SI को नहीं हटाया गया तो क्षेत्र में भारी रोष उत्पन्न हो सकता है। एक ही पार्टी से हैं दोनों नेता
इस मामले में दिलचस्प बात यह है कि जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह और चंदेरी विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, दोनों ही भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता हैं। मीना रघुवंशी को विधायक जगन्नाथ सिंह के कार्यकाल के दौरान ही ईसागढ़ थाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आरोप निराधार- चंदेरी विधायक
चंदेरी विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी ने कहा कि आरोप निराधार हैं। ईसागढ़ थाना प्रभारी द्वारा ऐसा कुछ नहीं किया जा रहा है। वहीं उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम बिना लिए कहा कि जिनके खुद के घर कांच के होते हैं वह दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते हैं। उन्होंने कहा कि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक एवं वर्तमान पुलिस अधीक्षक दोनों के सामने इस प्रकार की बात नहीं आई है। अगर किसी को पागल कुत्ता काट ले तो उसका इलाज पागलखाने में होता है। जो लोग दूसरे क्षेत्र में करते हैं वह मेरी विधानसभा क्षेत्र में नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि अपनी बातों उचित फोरम पर उठाएंगे पब्लिकली कहना नहीं चाहते हैं।


