अशोकनगर के देहात थाना क्षेत्र में 11 वर्षीय लापता किशोरी का शव मिलने के बाद परिजनों और समाज के लोगों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने ईसागढ़ रोड स्थित टोल टैक्स पर चक्का जाम कर दिया और न्याय की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट की ओर पैदल मार्च करने लगे, जिसे पुलिस ने रोक दिया। सुमन पिता विजय बाल्मिक (11) महिदपुर निवासी थी और वर्तमान में तुलसी सरोवर कॉलोनी में दादा-दादी के यहां रह रही थी। वह 29 दिसंबर से घर से लापता थी, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस ने दर्ज की थी। रविवार को उसका शव खिरिया महू गांव के एक कुएं में मिला। परिजनों का आरोप है कि पुलिस केवल परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है, जबकि उस व्यक्ति का पता नहीं लगा पा रही है जो किशोरी को ले गया था। उन्होंने हत्या के आरोपी का पता लगाने और न्याय दिलाने की मांग की। पुलिस ने कलेक्ट्रेट जाने से रोका
प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक संगठनों के लोग भी पीड़ित परिवार के समर्थन में शामिल हुए। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों विवेक शर्मा और तहसीलदार भारतेंदु यादव ने प्रदर्शनकारियों से बात की। कुछ देर चले चक्का जाम के बाद लोग शव को कंधे पर लेकर अशोकनगर कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। परिजन अब वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर न्याय की गुहार लगाने की बात कह रहे हैं। शव को शव वाहन में रखवा दिया गया है।


