अमृतसर| फ्रीलांस कॉलमनिस्ट और सोशल एक्टिविस्ट अवनीश खोसला ने गृह मंत्री को पत्र भेज जंतर-मंतर पर युवाओं के प्रदर्शन को लोकतंत्र का एक सकारात्मक प्रतीक बताया है। उनका मानना है कि इसी जनदबाव से सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। यह भी सही है कि सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई नकारात्मक कार्रवाई न करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही उन्होंने चिंता जताई कि प्रदर्शन की आड़ में कुछ शरारती तत्वों ने हिंसा तथा अश्लीलता फैलाने की कोशिश की जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। खोसला ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि हिंसा फैलाने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार हमेशा सुरक्षित रहना चाहिए, लेकिन हिंसा और असंसदीय आचरण के लिए किसी को भी छूट नहीं मिलनी चाहिए।


