सिटी रिपोर्टर | बोकारो नगर के सेक्टर-2 स्थित श्यामा माई मंदिर में मिथिला बोलबम समिति की ओर से शनिवार को नरक निवारण चतुर्दशी के अवसर पर भव्य पूजन किया गया। इस अवसर पर भारी संख्या में उपस्थित मैथिलानियों ने सिमरिया से लाए गए गंगोट (गंगा नदी के तल की मिट्टी) में गंगाजल मिश्रित कर असंख्य पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया। उसके बाद विधिपूर्वक उन सभी की एक साथ मंदिर के यज्ञ मंडप में पूजा-अर्चना संपन्न की गई। पं. डॉ रंजीत कुमार झा निर्देशन में मुख्य यजमान पं. उदय कुमार झा, कृपानंद झा, समरेंद्र झा, रमाकांत झा, अमरनाथ झा, संजय कुमार झा, पं. गौरी शंकर झा, प्रदीप कुमार झा, महाकान्त झा, रमण झा, विमल किशोर झा पूजा में सह यजमान के रूप में बैठे रहे। सुबह 8.00 से ही पार्थिव शिवलिंग का निर्माण शुरू हो गया। उसके बाद काली पूजन और सांब सदाशिव पूजन किया गया। तत्पश्चात संध्या बेला में आरती एवं महाप्रसाद वितरण के साथ भजन-कीर्तन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। काली पूजा ट्रस्ट के महासचिव सुनील मोहन ठाकुर ने बताया कि मिथिला में अनंत काल से नरक निवारण चतुर्दशी की महत्ता रही है। ऐसी मान्यता है कि पार्थिव शिवलिंग बनाकर उनका पूजन करने से भगवान भोलेनाथ सभी प्रकार के कष्टों को हर जीवन में सुख, समृद्धि और शांति प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि लगभग तीन दशक से इस श्यामा माई मंदिर में यह आयोजन होता रहा है। मिथिला के सिमरिया से गंगा नदी की पवित्र मिट्टी लाकर शिवलिंग बनाया जाता है।


