रतलाम में रिटायर्ड प्रोफेसर और उनकी पत्नी को 28 दिन डिजिटल अरेस्ट किया, 1.34 करोड़ रुपए ठगे। कनाडा से आए बेटे ने माता-पिता को छुड़ाया। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के तीन और लोगों को पकड़ा है। इनमें एक युवती भी शामिल है। अब तक 15 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें कुछ लोग देश के अलग-अलग राज्यों के हैं। वह वॉट्सऐप कॉल करके लोगों से ठगी करती थी। पकड़े गए आरोपी असम, पंजाब और जम्मू के रहने वाले है। असम में पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा तो उसने मोबाइल अलमारी में छुपाकर चाबी टॉयलेट सीट में डाल दी थी। पुलिस ने उसी से सीट के अंदर से चाबी निकलवाई। दरअसल 15 नवंबर 25 को रतलाम के डीडी नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले रिटायर्ड प्रोफेसर को ठगों ने कॉल किया। उसने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। कहा कि मुंबई के केनरा बैंक में 247 करोड़ रुपए आपके बैंक खाते में मनी लॉन्ड्रिंग के रुपए जमा हुए हैं। खाते में आपके आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लगे हुए हैं। आपकी गिरफ्तारी की जाएगी। रिटायर्ड प्रोफेसर ने इस बारे में जानकारी होने से मना कर दिया। तब उन्हें उनके खिलाफ वारंट जारी होने और तत्काल गिरफ्तारी का डर दिखाया। वॉट्सऐप वीडियो कॉल के माध्यम से पूरा कोर्ट रूम का सेटअप दिखाते डराया, जिसमें पुलिस के अधिकारी भी नजर आए। टॉयलेट सीट से चाबी निकलवाई
रतलाम पुलिस जब असम में आरोपी को पकड़ने उसके घर पहुंची। तब आरोपी को भनक लग गई थी। आरोपी ने अपना मोबाइल घर के अलमारी में छिपा कर ताला लगा दिया। चाबी टॉयलेट सीट में फेंक दी। पुलिस को जब इस बारे में पता चला तो आरोपी से टॉयलेट सीट से चाबी निकलवाई फिर उसका मोबाइल जब्त कर गिरफ्तार कर रतलाम लेकर आई। डिजिटल अरेस्ट कर ठगे करोड़ों
ठगों ने गिरफ्तारी का डर दिखाते हुए रिटायर्ड प्रोफेसर व उनकी पत्नी को वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट कर 15 नवंबर 2025 से 12 दिसंबर 2025 तक कुल 28 दिन तक डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर बंधक रखा। इस दौरान अलग-अलग तरह से रिटायर्ड प्रोफेसर से अलग-अलग खातों से 1 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपए जमा करा लिए। जब बेटा कनाडा से आया तो पूरे घटनाक्रम का पता चला। बेटा पिता व मां को लेकर एसपी अमित कुमाक पुलिस के पास पहुंचा। तब डीडी नगर थाना पुलिस ने बीएनएस एवं आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया। कुल 15 आरोपी गिरफ्तार
एसपी अमित कुमार ने 18 सदस्यों की एसआईटी बनाई। पहले जबलपुर, नीमच, उत्तर प्रदेश एवं गुजरात से कुल 12 आरोपी गिरफ्तार किए, जिन्होंने ठगी की राशि को विभिन्न बैंक खातों व क्रिप्टो करेंसी में परिवर्तित किया। इन्हीं आरोपियों से पूछताछ, कॉल डिटेल व तकनीकी साक्ष्यों के जरिए पुलिस को इसमें 3 और लोगों की और भूमिका सामने आई। पुलिस मोहन (27) पिता रुघनाथ काबरा निवासी शिव अपार्टमेंट, एनके रोड, बादल कॉलोनी, जिला मोहाली, पंजाब, सिमरन शर्मा (30) पिता स्वामी प्रसाद शर्मा निवासी वार्ड नं. 07, आर्य समाज मोहल्ला, अखनूर, जिला जम्मू, (जम्मू-कश्मीर) एवं सुरेश (37) पिता गणेश रजक निवासी धुलिया जान, सोनापुर, जिला डिब्रूगढ़, असम से गिरफ्तार कर रतलाम लाई। अब तक कुल 15 आरोपी गिरफ्तार हो चुके है। जाने किसकी क्या भूमिका रही आरोपियों को पकड़ने में इनकी भूमिका
साइबर सेल प्रभारी टीआई अमित कोरी, टीआई लिलियन मालवीय, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव, सब इंस्पेक्टर जीवन बरिया, प्रवीण वास्कले, आरक्षक तुषार सिसोदिया, मोर सिंह डामोर, पवन जाट की भूमिका रही। यह खबर भी पढ़ें…
रिटायर्ड प्रोफेसर और पत्नी 28 दिन तक रहे डिजिटल अरेस्ट रतलाम में एक रिटायर्ड प्रोफेसर और उनकी पत्नी को 28 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर उनके बैंक खातों से 1.34 करोड़ रुपए ठग लिए। ठगों ने पहले रिटायर्ड प्रोफेसर को कॉल कर कहा कि मुंबई के केनरा बैंक में 247 करोड़ रुपए आपके बैंक खातों मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। बैंक खाते में आपके आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लगे हुए हैं। आपकी गिरफ्तारी की जाएगी। इस पूरे मामले का खुलासा पुलिस ने आज यानी मंगलवार को किया। पूरी खबर पढ़ें


