असम सरकार में PWD की जूनियर इंजीनियर ने सुसाइड किया:नोट में 2 सीनियर के नाम लिखे; दावा- फर्जी बिल पास करने के लिए मजबूर किया

असम सरकार के लोक निर्माण विभाग के दो सीनियर अधिकारियों को एक जूनियर कर्मचारी के सुसाइड केस में गिरफ्तार किया गया है। गुवाहाटी की रहने वाली और बोंगइगांव में तैनात PWD की महिला असिस्टेंट इंजीनियर जोशिता दास मंगलवार को अपने अपार्टमेंट में मरी हुई मिली। उसने सुसाइड नोट में इन दोनों सीनियर का नाम लिया था। नोट में दावा किया गया है कि वह अपने ऑफिस में बहुत ज्यादा तनाव का सामना कर रही थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। एक पीडब्ल्यूडी का एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और दूसरा सब डिवीजनल ऑफिसर है। दोनों का इस महीने तबादला कर दिया गया था। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को प्रमोट कर नलबाड़ी भेजा गया, जबकि सब डिवीजनल ऑफिसर को कामरूप में ट्रांसफर कर दिया गया। गुवाहाटी से गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों दिनेश सरमा मेधी और अमीनुल इस्लाम को 23 जुलाई को बोंगइगांव अदालत में पेश किया गया। अधिकारियों ने फर्जी बिल पास करने दवाब डाला था एक अन्य अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया- उसने नोट में कहा है कि गिरफ्तार किए गए दोनों अधिकारियों ने बोंगइगांव में 12 करोड़ की लागत से मिनी स्टेडियम बनाने को लेकर उस पर बहुत दबाव डाला। उसने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने एक ठेकेदार की तरफ से बढ़ा-चढ़ाकर दिए गए बिलों को पास करने के लिए उस पर दबाव डाला। नोट में जोशीता ने बताया है कि कैसे दोनों अधिकारियों ने गोसाईगांव एलएसी के अंतर्गत बोरसोजगांव में मिनी स्टेडियम प्रोजेक्ट एक ठेकेदार का बिल पास करने का दबाव डाला, जबकि दस्तावेज़ों में गंभीर खामियां थीं। मेसर्स अचेटिक क्रिएशंस के इस परियोजना में वास्तुशिल्प योजनाओं और महत्वपूर्ण अभिलेखों का अभाव था। उन्होंने यह भी बताया कि ठेकेदार रुद्र पाठक ने साइट इंजीनियर की नियुक्ति नहीं की थी, जिससे तकनीकी ज़िम्मेदारियां जोशीता को खुद ही संभालनी पड़ीं। बार-बार अपील करने के बावजूद उन्हें कोई मदद नहीं मिली। उन्होंन आरोप लगाया कि आर्किटेक्ट देबजीत शर्मा ने त्रुटियों से भरा एक अनुमान प्रस्तुत किया, जिसे उन्होंने बिना किसी नतीजे के चिह्नित किया। मां ने दर्ज करवाई शिकायत जोशिता की मौत के बाद उनकी मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने दोनों अधिकारियों पर लगातार उत्पीड़न का आरोप लगाया। उसकी मां ने बताया- वह अक्सर काम के असहनीय दबाव के बारे में बात करती थी। इससे वह मानसिक रूप से टूट गई थी। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *