जालोर के बिशनगढ़ थाना इलाके उम्मेदाबाद में आयुर्वेद अस्पताल में डॉक्टर जिंदा जल गये। रविवार रात को अचानक यह हादसा हुआ, इससे डॉक्टर सोते समय जिंदा जल गए।
पुलिस ने बताया कि स्मोकिंग के कारण यह हादसा हुआ। स्मोकिंग के कारण बिस्तर में आग लगी और डॉक्टर इसकी चपेट में आ गए। उम्मेदाबाद के आयुर्वेद अस्पताल में जयपुर निवासी डॉक्टर मुरारीलाल मीणा 45 वर्षीय 4 साल से कार्यरत थे। वे यहां अस्पताल परिसर में ही पीछे बने कमरें में परिवार सहित रहते थे। परिवार में किसी की शादी को लेकर 2 महीने पहले ही परिजन जयपुर गए थे। इस कारण डॉक्टर मुरारीलाल मीणा इन दिनों अकेले रह रहे थे। रविवार को भी वे अकेले ही थे। इसी दौरान रात को अचानक आग लग गई और डॉक्टर जिंदा जल गए। अस्पताल परिसर में ही रहते थे
बिशनगढ़ थानाधिकारी निंबाराम ने बताया कि उम्मेदाबाद में आयुर्वेद अस्पताल में रविवार रात को अचानक आग लग गई। इससे परिसर में बने कमरे में सो रहे जयपुर के करतारपुरा के भगवती नगर निवासी डॉक्टर मुरारीलाल मीणा जिंदा जिल गए।
सूचना के बाद मौके पर पहुंचे जालोर डीएसपी गौतम जैन और बिशनगढ़ पुलिस ने मौका मुआयना किया। 2021 से कार्यरत थे
थानाधिकारी ने बताया कि डॉक्टर मुरारीलाल यहां उम्मेदाबाद में 2021 से कार्यरत थे। हालांकि पहले इनका परिवार भी साथ रहता था। लेकिन कुछ समय पहले किसी परिजन की शादी को लेकर परिवार अभी जयपुर में है। जिससे अभी डॉक्टर यहां अकेले ही रहते थे। रात को लगी आग, सुबह पता चला
थानाधिकारी ने बताया कि शरीर व घुटनों में दर्द रहने के कारण चलने-फिरने व उठने में डॉक्टर मुरारीलाल मीणा को दिक्कत रहती थीं। जिससे आग की घटना के वक्त डॉक्टर बिना सहारे से उठ नहीं पाए और आग की चपेट में आ गए। हालांकि घटना के वक्त किसी को आग की जानकारी नहीं लगी। मंगलवार को सुबह अस्पताल से धुआं उठता देख लोगों को इसका पता चला। स्मोकिंग से लगी आग
थानाधिकारी निंबाराम ने बताया कि डॉक्टर मुरारीलाल मीणा आयुर्वेद अस्पताल के एक कमरे में रविवार रात को सो रहे थे। वहा करीब एक साल से बिजली का कनेक्शन कटा हुआ है। वही रात के समय स्मोकिंग के दौरान बिस्तर में अचानक आग लग गई और घुटनों में दर्द के कारण वे बिस्तर से उठ नहीं पाए और जिंदा जल गए।


