अहमदाबाद प्लेन क्रैश में इकलौते बचे विश्वास कुमार सदमे में:पिता बोले- बेटा रात-रातभर नहीं सोता, चिंता में उसकी मां भी बीमार हो गई

अहमदाबाद विमान हादसे को डेढ़ महीना हो गया है, लेकिन कई पीड़ित परिवार अभी भी 270 लोगों की जान लेने वाली इस त्रासदी के सदमे से उबर नहीं पाए हैं। कुछ ऐसा ही हाल विमान हादसे में इकलौते बचे शख्स विश्वास कुमार भालिया का है, जिन्होंने हादसे में अपने भाई अजय को अपनी आंखों के सामने मरते देखा। विश्वास अब तक सदमे से उबर नहीं पाए हैं। उनके परिवार का कहना है कि विश्वास को नींद नहीं आती। रात-रातभर जागते रहते हैं। इस वजह से उसका एक छोटे बच्चे की तरह हर समय ध्यान रखना पड़ रहा है। परिवार के अलावा दोस्त भी लगातार उनका हौसला बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पिता बोले- अपने कमरे से बाहर नहीं निकलता है विश्वास मौसी बोली- 6-7 महीने दीव और 4-5 महीने लंदन में रहते थे विश्वास भालिया की मौसी रमाबेन भालिया ने दिव्य भास्कर को बताया कि विश्वास और अजय के पिता रमेशभाई बावाभाई भालिया 25 साल से लंदन में रह रहे थे। रमेशभाई के चार बेटे विश्वास, अजय, सनी और नयन हैं। सभी लंदन में ही रहते हैं। विश्वास और अजय शादीशुदा हैं और उनकी पत्नियां और बच्चे भी लंदन में रहते हैं। विश्वास और अजय की दीव में गारमेंट की दुकान थी, लेकिन कोरोना काल में वह बंद हो गई तो उन्होंने फिशिंग बोट खरीद ली थी। इसके चलते दोनों भाई ठंड से गर्मी के मौसम तक दीव में पैतृक घर पर रहते थे। मानसून की शुरुआत में लंदन लौट जाते थे। विश्वास और अजय हर साल 6-7 महीने से दीव और चार-पांच महीने लंदन में रहते थे। विमान हादसे में जीवित बचे विश्वास का एक तीन साल का बेटा है। वहीं, उनके भाई अजय की दो बेटियां थीं, जिनकी लंदन में बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। अन्य भाई और माता-पिता लंदन में रहते हैं और सभी अब ब्रिटिश नागरिक हैं। 270 लोगों की मौत हुई थी प्लेन हादसे में
बीती 12 जून को एअर इंडिया की उड़ान संख्या AI 171 अहमदाबाद से लंदन जा रही थी। इसी दौरान प्लेन क्रैश हो गया था। प्लेन में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक समेत कुल 230 यात्री सवार थे। इनमें 103 पुरुष, 114 महिलाएं, 11 बच्चे और 2 नवजात शामिल हैं। बाकी 12 क्रू मेंबर्स थे। विमान दुर्घटना में न केवल उसमें सवार लोगों की मौत हुई, बल्कि अहमदाबाद मेडिकल कॉलेज के कुछ डॉक्टरों की भी जान चली गई थी। क्योंकि, विमान मेडिकल कॉलेज के छात्रावास से टकराया था। हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का भी निधन हो गया। ———————————————————————– अहमदाबाद प्लेन हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…​​​​ 1. देखिए अहमदाबाद प्लेन क्रैश PHOTOS में, सड़कों पर लाशें बिखरीं, शरीर जले-पहचानना मुश्किल गुजरात के अहमदाबाद में एयर इंडिया प्लेन क्रैश में 100 से ज्यादा यात्री मारे गए हैं। अहमदाबाद से लंदन जा रहे विमान में 242 यात्री सवार थे। हादसे के बाद पूरे इलाके में धुएं का गुबार दिखाई दिया। (पूरा हादसा देखने के लिए क्लिक करें) 2. अहमदाबाद सिविल अस्पताल में स्ट्रेचर कम पड़े तो हाथ ठेले से लेकर पहुंचे शव, अस्पताल में ओ निगेटिव ब्लड की कमी अहमदाबाद प्लेन क्रैश होने के बाद हादसे के शिकार लोगों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल लाया जा रहा है। अस्पताल में स्ट्रेचर कम पड़े तो हाथ ठेले से शवों को ले जाया जा रहा है। अस्पताल में ओ निगेटिव ब्लड की कमी होने के बाद ब्लड डोनेशन की अपील की है। (पल-पल की जानकारी के लिए क्लिक करें) 3. अहमदाबाद में प्लेन डॉक्टर हॉस्टल की 4 बिल्डिंग से टकराया:लंच के समय अतुल्य हॉस्टल में 50-60 इंटर्न डॉक्टर मौजूद थे, अब तक 6 शव मिले अहमदाबाद में एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर प्लेन सिविल हॉस्पिटल के हॉस्टल की 4 बिल्डिंग से टकराया था। जिनमें रेजिडेंट डॉक्टर रहते थे। घटना के दौरान हॉस्टल में 50 से 60 इंटर्न डॉक्टर्स मौजूद थे। ज्यादातर मेस में लंच कर रहे थे। धमाके का असर इतना था कि अंदर मौजूद डॉक्टरों के शव भी टुकड़ों में बिखर गए। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें) 4. भारत के 5 बड़े प्लेन हादसे: हरियाणा में दो प्लेन टकराए, 349 मौतें, कर्नाटक में खाई में गिरा अहमदाबाद प्लेन हादसे में अब तक 100 शव बरामद हुए हैं। हम आपको देश के 5 बड़े हादसों के बारे में बता रहे हैं। (पढ़ने के लिए क्लिक करें) 5. विजय रूपाणी 3 दिन पहले लुधियाना से लौटे थे:उपचुनाव में प्रचार किया, तीन साल से पंजाब-चंडीगढ़ BJP के प्रभारी थे अहमदाबाद में क्रैश हुए एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर प्लेन में पंजाब BJP के प्रभारी एवं गुजरात के पूर्व CM विजय रूपाणी का निधन हो गया। वह 3 साल से पंजाब और चंडीगढ़ BJP के प्रभारी थे। उन्होंने 3 दिन पहले लुधियाना में वेस्ट हलका के उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार जीवन गुप्ता के लिए प्रचार किया था। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें)

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