जोधपुर में अग्निवीर भर्ती रैली में असली की जगह डमी कैंडिडेट आंखों की जांच कराने पहुंच गया। आंखों की जांच में मूल अभ्यर्थी फेल न हो जाए, इसलिए डमी कैंप में मेडिकल टेस्ट देने पहुंच गया। सैन्य हॉस्पिटल में जब सेना के डॉक्टर ने उसके हाथ की कलाई और कंधे पर सील के स्थान पर पेन का निशान देखा तो दोबारा बायोमैट्रिक्स व रेटिना मिलान किया। इससे डमी की पोल खुल गई। उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। रातानाडा थाना इंचार्ज प्रदीप डांगा ने बताया- जोधपुर के राजकीय शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय में 5 से 13 दिसंबर तक 11 जिलों के लिए सेना भर्ती रैली की गई थी। भर्ती में प्रारंभिक स्तर पर चयनित युवक कुलदीप आमना पुत्र भगवान सिंह री-मेडिकल के लिए शुक्रवार (20 दिसंबर) को मिलिट्री हॉस्पिटल आया था। वॉशरूम का बहना कर बाहर निकला मूल अभ्यर्थी शुक्रवार सुबह 8 बजे उसने अपना बायोमैट्रिक्स कराया। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे जब वह अस्पताल के आई टेस्ट ओपीडी में गया तो वॉशरूम जाने का बहाना बनाकर बाहर निकल गया। उसने खुद की जगह पर अपने दोस्त मुकेश को भीतर भेज दिया। मुकेश आंखों की जांच कराने के लिए गया। जांच से पहले लेफ्टिनेंट कर्नल छनी प्रीत सिंह ने उसके हाथ पर लगी मोहर देखी। असली मोहर की बजाय मुकेश के हाथ पर पेन से बनी मोहर थी। शक होने पर डॉक्टर ने उसे दुबारा बायोमैट्रिक्स कराने के लिए भेजा। उसकी रेटिना व बायोमैट्रिक्स, दोनों का ही मिलान नहीं हुआ। तब उससे पूछताछ की गई। मुकेश ने दोस्त कुलदीप की करतूत को उजागर कर दिया। आई टेस्ट में फेल होने का डर था, दोस्त को बनाया डमी रातानाडा थाने के एएसआई जेठाराम ने बताया- सेना की रिक्रूटमेंट सेल लेफ्टिनेंट कर्नल की ओर से नायब सूबेदार मनोज कुमार सिंह की ओर से रातानाडा थाने में मामला दर्ज कराया गया है। सैन्य अधिकारियों की सूचना व रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। जांच में सामने आया कि कुलदीप सिंह की आंख में कुछ कमी है। इसी वजह से उसे मेडिकल जांच में फेल होने की आशंका थी। उसने खुद के स्थान पर अपने दोस्त लोहावट के मतोड़ा थाना इलाके के पल्ली गांव निवासी मुकेश चौधरी पुत्र अमेदाराम को जांच के लिए भेज दिया। पुलिस ने मुकेश को गिरफ्तार कर लिया। मौके से फरार हुए मुख्य अभ्यर्थी कुलदीप की तलाश जारी है। दूसरे आरोपी के पकड़े जाने से ही पता चलेगा कि मुकेश दोस्ती की वजह से फर्जीवाड़े में शामिल हुआ, इसके बदले उसने पैसे लिए या फिर यह किसी गैंग का काम है।


