भास्कर न्यूज| खड़गपुर शैक्षणिक अनुसंधान और व्यावसायिक विस्तार के बीच की खाई को पाटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत आईआईटी खड़गपुर रिसर्च पार्क ने अपने कोलकाता परिसर में एक उच्चस्तरीय वेंचर कैपिटल (वीसी) कॉन्क्लेव का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देशभर से 30 से अधिक प्रमुख निवेशक और वेंचर कैपिटल फर्मों ने भाग लिया। कॉन्क्लेव का उद्देश्य डीप-साइंस एवं इंजीनियरिंग आधारित नवाचारों को गति देना और उन्हें भारत सरकार के ‘विकसित भारत’ विज़न के अनुरूप आगे बढ़ाना था। कॉन्क्लेव का उद्घाटन प्रो सुमन चक्रवर्ती, निदेशक, आईआईटी खड़गपुर एवं डीन (नवाचार एवं उद्यमिता) के मुख्य संबोधन से हुआ। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर के एक शैक्षणिक उत्कृष्टता केंद्र से आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्तर पर संपत्ति सृजन और सामाजिक प्रभाव के केंद्र के रूप में विकसित होने की यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला आधारित अनुसंधान को बाजार-उन्मुख समाधानों में बदलना ही भविष्य के राष्ट्र निर्माण की कुंजी है। कार्यक्रम के दौरान प्रो प्रजीत नंदी, एसोसिएट डीन (नवाचार एवं उद्यमिता) ने आईआईटी खड़गपुर रिसर्च पार्क की क्षमताओं और लचीले सहयोग मॉडल्स का प्रस्तुतीकरण किया, जो प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप्स के लिए जोखिम को कम करने में सहायक हैं। वहीं प्रो मनोज के मंडल, एसोसिएट डीन (नवाचार एवं उद्यमिता) ने रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की जानकारी साझा की, जो प्रोटोटाइपिंग और स्केलिंग के लिए औद्योगिक स्तर की सुविधाएं प्रदान करता है। कॉन्क्लेव में संस्थान की प्रमुख नवाचार इकाइयों एग्री-बिजनेस इनक्यूबेशन फाउंडेशन और एआई फॉर इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स को भी प्रस्तुत किया गया, जिन्हें कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर-फिजिकल सिस्टम्स के क्षेत्रों में उच्च प्रभाव वाले आईपी-आधारित नवाचारों के लिए महत्वपूर्ण मंच के रूप में रेखांकित किया गया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण: नवप्रवर्तन-से-निवेशक र्ता विषय पर आयोजित गोलमेज चर्चा रही, जिसका संचालन अभ्रजीत साहा, चीफ ऑफ स्टाफ टू द डायरेक्टर, आईआईटी खड़गपुर ने किया। चर्चा के दौरान अकादमिक संस्थानों, उद्योग और निवेशकों के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर महत्वपूर्ण सुझाव सामने आये।निवेशकों ने आईआईटी खड़गपुर के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र पर गहरा विश्वास व्यक्त किया और इसे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप, हार्ड-टेक व्यवसायीकरण और उच्च गुणवत्ता वाले बौद्धिक संपदा आधारित स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल बताया। कार्यक्रम का समापन सुनील कुमार गुप्ता, आईएएस (सेवानिवृत्त), चीफ स्ट्रेटेजी, एक्ज़ीक्यूशन एवं ऑपरेशंस, आईआईटी खड़गपुर रिसर्च पार्क द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंनें कॉन्क्लेव से प्राप्त रणनीतिक सुझावों को क्रियान्वित करने तथा संस्थान की “लैब टू लैंड” नवाचार श्रृंखला को और सुदृढ़ करने के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।


