बायोडीजल के नाम पर इंडस्ट्रियल ऑयल बेचने में पांचू और नापासर पुलिस थानों में हर महीने बंधी लेने के आरोप प्रमाणित नहीं पाए गए। मंत्री किरोड़ीलाल मीणा की ओर से भारतमाला पर पिकअप गाड़ी पकड़े जाने के बाद इसकी जांच हुई जिसमें पुलिस को क्लीन चिट दे दी गई है। 5 नवंबर की रात को आपदा राहत व कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने भारतमाला पर पिकअप गाड़ी में बायोडीजल के नाम पर इंडस्ट्रियल ऑयल भरते पकड़ा था। पिकअप के चालक बुधराम ने आरोप लगाया था कि इस काम के लिए पुलिस को 15000 रुपए महीने बंधी दी जाती है। मौके से चालक का एक वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें वह पुलिस पर बंधी लेने के आरोप लगा रहा था। पांचू और नापासर थानों की मिलीभगत और बंधी लेने के आरोप लगने के बाद बीकानेर रेंज के आईजी हेमंत शर्मा ने मामले की जांच एएसपी सिटी सौरभ तिवाड़ी को सौंपी थी। एएसपी सिटी ने जांच पूरी कर ली है और आरोप प्रमाणित नहीं माने। दोनों थानों की पुलिस को क्लीनचिट दी गई है। गौरतलब है कि मंत्री ने भारतमाला पर पिकअप पकड़ने के बाद नापासर की एक फैक्ट्री में छापा मारा था जहां से 1.4 लाख लीटर ऑयल का स्टोरेज और 12.70 लाख रुपए की रकम सीज की गई थी। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद सवाल खड़े हो गए हैं कि पिकअप चालक के आरोप झूठे थे तो उसने ऐसा क्यों और किसके कहने पर किया। एसएचओ की पांचू से कोटगेट पोस्टिंग रुकी, जांच के बाद ज्वाइन किया मंत्री किरोड़ीलाल मीणा की ओर से भारतमाला पर गाड़ी पकड़े जाने के बाद एक बार तत्कालीन पांचू एसएचओ धीरेन्द्रसिंह शेखावत की कोटगेट थाने में पोस्टिंग रोकी गई। लेकिन, जांच में आरोप निराधार पाए जाने पर ज्वाइन किया गया। एसपी कावेन्द्रसिंह सागर ने 8 नवंबर को आदेश जारी कर जिले में 26 इंस्पेक्टर की पोस्टिंग की थी। इसमें पांचू एसएचओ को कोटगेट थाना प्रभारी लगाया था। एसपी ने एकबारगी ज्वाइनिंग रोक दी थी। लेकिन, बाद में जांच के दौरान आरोप झूठे माने जाने पर कोटगेट थाने में ज्वाइनिंग कराई गई। पुलिस जांच में सामने आया


