मिसरोद में केमिकल इंजीनियर से क्यूसीआई (क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया) में चेयरमैन बनाने का झांसा देकर 15 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। सागर कॉलोनी के रहने वाले आशीष कुलश्रेष्ठ (40) प्राइवेट क्वालिटी इंस्पेक्शन का काम करते हैं। काम से दिल्ली गए थे। वहां उनकी मुलाकात आमोद पाठक से हुई। आमोद ने खुद को पीएमओ और क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से जुड़ा बताया और नवीन से मिलवाकर प्रोफाइल मांगी। कुछ दिन बाद कहा- आपकी प्रोफाइल पीएमओ में सिलेक्ट हो गई है, नियुक्ति के लिए 20 लाख लगेंगे। आशीष ने 15 लाख उसके खाते में डाल दिए। इसके बाद फर्जी आईबी अधिकारी बनाकर आफताब नामक युवक को वेरिफिकेशन के लिए भोपाल भेजा। उस समय आशीष गोवा में थे। परिजन को उसके आईकार्ड में राजेश और आधार में आफताब नाम मिला तो पुलिस को सूचना दी। आफताब पकड़ा गया, दो आरोपी फरार हैं। इंजीनियर के घर वालों को शक हुआ तो पुलिस बुलाई आशीष गुरुवार को भोपाल लौटे और एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार आफताब 3 दिसंबर को खुद को आईबी अधिकारी बताकर घर पहुंचा था। परिजन उसके सवाल-जवाब, पहचान प्रक्रिया और उसकी हरकतों से असहज हुए। शक गहरा तब हुआ जब आईडी कार्ड में नाम राजेश कुमार और आधार में आफताब आलम निकला। पूछताछ में वह सही जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद पुलिस ने मौके से हिरासत में ले लिया। तीन लोगों का गैंग, आफताब पहले भी फ्रॉड में शामिल
पुलिस ने आफताब को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 5 दिन की रिमांड मिली। पूछताछ में उसने बताया कि पहले भी वह सरकारी नौकरी दिलाने वाले फ्रॉड नेटवर्क में रहा है। मुख्य आरोपी आमोद पाठक और उसके साथी नवीन ने पीड़ित से दिल्ली में परिचय बढ़ाया था और बड़ी सरकारी पोस्ट दिलाने का दावा किया था। दोनों फरार हैं। पुलिस इनके नेटवर्क की जानकारी खंगाल रही है।


