भास्कर न्यूज | जालंधर वातावरण सरंक्षण में ये नई पहल है। माइक्रो फारेस्ट लगाकर आबोहवा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। सोमवार को शहर के आईवीवाई स्कूल में 2000 पौधों के ऐसे फारेस्ट को रोपा गया है। स्कूल में जिला लेवल का वन महोत्सव मनाया गया है। यहां 1 मिनट में सभी 2000 पौधे लगाए गए। बारिश में उत्साह अधिक रहा। ये कोशिश आईवी वर्ल्ड स्कूल ने वासल एजुकेशन के तत्वावधान में की है। समारोह में बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत चीफ गेस्ट थे। उनके साथ आम आदमी पार्टी के सेंट्रल विस हलका प्रभारी नितिन कोहली भी थे। दोनों ने पौधे लगाकर शुरुआत की। इस दौरान आप की जालंधर कैंट की हलका प्रभारी राजविंदर कौर थियाड़ा भी शामिल रहीं। आप लीडरशिप को वासल एजुकेशन संस्थान ने सम्मानित किया। माइक्रो फारेस्ट का नाम नानक बगीची रखा गया है। ये हरियाली से स्कूल का अहम हिस्सा होगा। इसका संरक्षण छात्र स्वयं करेंगे। यह पहल बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करेगी। वासल एजुकेशन के चेयरमैन संजीव कुमार वासल और सीईओ राघव वासल ने छात्रों और शिक्षकों के उत्साह की सराहना की है। स्कूल की तरफ से ‘नानक बगिची’ – श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं से प्रेरित हरित प्रयास है। समारोह में डिवीजनल फारेस्ट ऑफिसर जरनैल सिंह बाठ भी शामिल रहे। उन्होंने बताया कि जापानी वैज्ञानिक डॉ. अकीरा मियावाकी द्वारा माइक्रो फारेस्ट तकनीक शुरू की गई थी। यह तकनीक स्थानीय प्रजातियों के पेड़ों को एक साथ घना लगाकर 10 गुना तेजी से बढ़ने और 30 गुना घने जंगल के निर्माण की क्षमता रखती है। नानक बगीची प्रकृति और मानवता के बीच संतुलन का जीवंत उदाहरण है। समारोह में छात्रों ने प्राकृतिक धुनों और आदिवासी परंपराओं से प्रेरित एक जीवंत जनजातीय नृत्य प्रस्तुत किया। इसके अलावा, एक पंजाबी नुक्कड़ नाटक ने हंसी और सोच के साथ दर्शकों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अहसास दिलाया। कार्यक्रम का समापन वासल एजुकेशन के अध्यक्ष केके वासल, चेयरमैन संजीव कुमार वासल, उपाध्यक्ष ईना वासल, सीईओ राघव वासल और निर्देशिका अदिति वासल के प्रेरणादायी विचारों से हुआ।


