आईसीएआई ने जारी की​​​​​​​ प्लेसमेंट रिपोर्ट:सीए पूरा करने के बाद भी 50% छात्रों को नहीं मिल रहा प्लेसमेंट, ड्राइव सीमित शहरों में ही

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड‎ अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने हाल में अपनी प्लेसमेंट रिपोर्ट जारी की है। प्लेसमेंट रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 8‎ प्लेसमेंट सेशन में रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स में से‎ आधे से भी कम स्टूडेंट्स को नौकरी मिली है। वहीं जिन स्टूडेंट्स को जॉब मिली है, उनमें से अधिकांश स्टूडेंट्स को काफी कम पैकेज मिला है। आईसीएआई की ओर से चुनिंदा सिटी‎ में इंटरव्यू होता है, जिससे स्टूडेंट्स को पहुंचने‎ में दिक्कत होती है।‎ हर साल लाखों स्टूडेंट्स सीए बनने के लिए एनरोल होते हैं। एक‎ स्टूडेंट को कम से कम 4.5 से 5 साल सीए की पढ़ाई पूरी करने में लगते हैं। इन पांच सालों में 12 से 15 घंटे तक‎ पढ़ाई और कोचिंग के बाद आर्टिकलशिप का‎ दौर भी आता है। दूसरी ओर, सीए को दुनिया से सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक माना जाता है। लेकिन इसके बाद जब नौकरी ‎मिलती है, तो वह भी कुछ खास नहीं होती।‎ बेंगलुरु, मुंबई जैसे बड़े शहरों में सालाना 6-7‎ लाख के पैकेज का ऑफर मिलता है। जो कि शहरों में होने वाले खर्चें की तुलना में काफी कम होता है। हालांकि सीए इंस्टीट्यूट अब पढ़ाई के साथ-साथ स्टूडेंट्स की स्किल्स पर भी फोकस कर रहा है, ताकि छात्रों को जॉब मिल पाए। आठ सेशन में आधे से कम को ऑफर हुआ प्लेसमेंट‎
पिछले‎ चार सत्रों में सीए स्टूडेंट्स का औसत पैकेज 9 से 13 लाख के‎ बीच रहा है। फरवरी-मार्च 2024 के सत्र में औसत पैकेज बढ़कर‎ 13.12 लाख तक पहुंच चुका है। अगस्त-सितंबर 2022 में एवरेज सैलेरी 9.19 लाख थी।‎ फरवरी-मार्च 2023 सेशन में यह बढ़कर 12.45 लाख पर ‎पहुंच गई है। अगस्त-सितंबर 2023 सेशन में सालाना पैकेज‎ 12.32 लाख और फरवरी-मार्च 24 में 13.12 लाख था। स्किल के अनुसार जॉब
इंस्टीट्यूट के अनुसार स्टूडेंट्स‎ में स्किल हो तो उन्हें अच्छा‎ पैकेज मिलता है। हालांकि इंस्टीट्यूट ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि मांग की तुलना में सीए की कमी होने के बावजूद कंपनियां सीए हायर करने में रुचि नहीं ले रही हैं। साल दर साल बढ़ रहे‎ छात्र
सीए बनने के लिए कम से कम‎पांच साल का समय लगता है। फाउंडेशन के बाद‎ इंटरमीडिएट में छात्र शामिल होते हैं।‎ इंटर के दोनों ग्रुप क्लियर होने के बाद ही‎ स्टूडेंट्स को 30 महीने यानी ढ़ाई साल की‎ आर्टिकलशिप होती है। फिर वे‎ फाइनल में पहुंचते हैं। हर साल छात्रों की संख्या बढ़ रही है।

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