आईसीयू बेड की खरीदारी की मंजूरी 149 दिन बाद, माइक्रोस्कोप की फाइल 110 दिन बाद भी नहीं लौटी

भास्कर एक्सक्लू​सिव रिम्स डायरेक्टर डॉ. राजकुमार और स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के बीच जारी अघोषित युद्ध में पूरा अस्पताल उलझ कर रह गया है। इधर, मरीज बेहाल हैं तो दूसरी ओर जरूरी फाइलें और प्रोपोजल मंजूरी की आस में फंसे पड़े हैं। रिम्स निदेशक ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र दायर कर ऐेसी फाइलों और प्रोपोजल की सूची सौंपी है। इसमें स्पष्ट रूप से बताया गया है कि रिम्स से कब कौन-सी फाइल शासी परिषद के अध्यक्ष यानी स्वास्थ्य मंत्री के पास भेजी गई और वह फाइल वापस रिम्स कब लौटी। सूची के हिसाब से अधिकांश फाइलें 50-50 दिन से अधिक समय तक मंत्री के यहां पड़ी रही। अभी भी कई फाइलें वापस नही लौटी हैं। रिम्स के ट्रॉमा सेंटर के लिए अत्याधुनिक आईसीयू बेड की खरीद की फाइल 10 फरवरी को मंत्री के पास भेजी गई थी। यह फाइल 149 दिन बाद वापस लौटाई गई। हालांकि आईसीयू बेड खरीद की स्वीकृति देते हुए फाइल वापस लौटी। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में आईसीयू बेड, वेंटिलेटर मशीन जैसे जरूरी उपकरण तक की खरीद के लिए 3-4 माह से अधिक इंतजार करना कहां से मुनासिब है‌? फाइल लौटने में समय लग जाता है… ये फाइलें अबतक फंसी क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में विभिन्न जरूरी उपकरणों की खरीद से संबंधित फाइल 70 दिन बाद भी वापस नही लौटी है। लॉउंड्री सिस्टम को लेकर ई-टेंडर जारी करने से संबंधित फाइल भी 38 दिन से मंत्री के यहां है। रिम्स किचन टेंडर से संबंधित फाइल 23 दिन और पुराने एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग में छह लिफ्ट इंस्टॉलेशन की फाइल पर 20 दिन बाद भी निर्णय नही हो सका है। इन्हें लौटने में महीने लगे स्किल लैब के लिए आवश्यक चिल्ड्रेन सीपीआर मेनिकिन एडवांस की फाइल 66 दिन बाद लौटी। खरीद को मंजूरी दी गई। डेंटल कॉलेज, सुपरस्पेशियलिटी, ओंकोलॉजी, हॉस्टल आदि में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने के लिए टेंडर निकालने की फाइल 50 दिन बाद लौटी। इसपर भी स्वीकृति दी गई।
क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के लिए विभिन्न पदों में बहाली के लिए रोस्टर संबंधित फाइल 37 दिन बाद वापस लौटाई गई। रिम्स की अव्यवस्था का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नवजात शिशुओं की देखभाल के विभाग में कई बार नवजात बच्चों को समय पर वेंटिलेटर तक नही मिल पाते। चूंकि वेंटिलेटर सीमित होने के कारण सुविधा उपलब्ध करा पाना कठिन हो जाता है। ऐसे में इस विभाग में भी 10 नियोनेटाल वेंटिलेटर खरीद की फाइल 14 मई को भेजी गई थी, जो 43 दिन बाद मंजूरी के साथ वापस रिम्स लौटी। हालांकि अबतक मशीन की खरीद नही हो सकी है।

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