अलीगढ़ में महिला कॉन्स्टेबल हेमलता चाहर की आत्महत्या के मामले में जांच शुरू हो गई है। जांच में रोरावर थाने में तैनात सिपाही कुलदीप बाल्यान और कासगंज में तैनात दरोगा संदीप कुमार की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। पुलिस की जांच में दोनों के खिलाफ पुख्ता तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटा लिए गए हैं। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं। मुख्य दरवाजे से अंदर गया सिपाही घटना 29 नवंबर दोपहर करीब 1:07 बजे की है। कॉन्स्टेबल हेमलता ने थाना बन्नादेवी के जवाहर नगर स्थित किराए के मकान में आत्महत्या की। इससे कुछ ही समय पहले सिपाही कुलदीप बाल्यान मकान के मुख्य दरवाजे से जुड़े छोटे दरवाजे के जरिए अंदर गया था। यही बिंदु अब जांच का केंद्र बन गया है। वहीं घटना के करीब 15 मिनट बाद ही बन्नादेवी पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। CCTV फुटेज में चढ़ते दिखा सिपाही घटना के तुरंत बाद कुलदीप बाल्यान मकान की छत पर चढ़ता दिखाई देता है। वहां से वह पीछे स्थित मकान की छत पर पहुंचा और फिर एक पोल के सहारे पीछे की गली में उतरकर फरार हो गया। इस पूरी घटना को एक महिला प्रत्यक्षदर्शी ने अपनी आंखों से देखा, जिसकी पुष्टि पुलिस जांच में भी हो चुकी है। CCTV फुटेज ने आरोपी की भागने की थ्योरी को और मजबूत कर दिया है। CDR और फुटेज से शक जांच में यह भी सामने आया है कि कासगंज में तैनात दरोगा संदीप कुमार की भूमिका भी संदिग्ध है। पुलिस ने CCTV फुटेज के साथ-साथ कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले हैं। घटनाक्रम वाले दिन और उससे पहले हेमलता और दरोगा के बीच संपर्क के अहम साक्ष्य मिलने का दावा किया जा रहा है। आगरा की रहने वाली थी सिपाही कॉन्स्टेबल हेमलता चाहर आगरा के थाना कागारोल के गांव बैमन की रहने वाली थी। वह अलीगढ़ के रोरावर थाने में तैनात थी। घटना वाले दिन वह छुट्टी पर अपने गांव जाने वाली थी। घटना से करीब आधा घंटे पहले अपने पिता से छुट्टी पर आने की बात भी कही थी, लेकिन कुछ समय बाद ही मोबाइल पर ‘किसी को हर्ट नहीं करना चाहती हूं’ वाला स्टेटस लगाकर खुदकुशी कर ली थी। भाई की तहरीर पर दर्ज हुआ था केस हेमलता के भाई उपेंद्र सिंह की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें मानसिक उत्पीड़न, दबाव और आत्महत्या के लिए मजबूर करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उपेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस को इस मामले के सभी साक्ष्य मिल गए हैं। उन्होंने जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। दरोगा-सिपाही फरार सीओ द्वितीय कमलेश कुमार ने कहा कि महिला कॉन्स्टेबल की आत्महत्या के मामले में सिपाही और दरोगा के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। दोनों फरार हैं, लेकिन पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।


