आगरा में इंस्पेक्टर की पत्नी ने माफी मांगी, हड़ताल खत्म:2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 2 लाइन हाजिर; 2 हजार डॉक्टर काम पर लौटे

आगरा में IMA ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी है। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने डॉक्टरों के साथ 2 घंटे बैठक की। इंस्पेक्टर की पत्नी ने माफी मांगी। 2 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। इसके बाद 2000 डॉक्टर्स ने हड़ताल वापस ली। दो पुलिसकर्मियों को शुक्रवार रात लाइन हाजिर किया गया था। गुरुवार को एक सर्जन के साथ पुलिस ने अभद्रता की थी। उन्हें थप्पड़ मारा। करीब एक घंटे तक लॉकअप में बंद रखा। इसके बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सभी सदस्य हड़ताल पर चले गए थे। करीब 2000 डॉक्टर्स ने प्राइवेट अस्पताल, क्लिनिक सहित पैथोलॉजी बंद कर दी थीं। मामले में पुलिस ने कार्रवाई के लिए 24 घंटे का समय मांगा था। डीसीपी सिटी ने सिकंदरा थाने के 2 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया। हालांकि, डॉक्टर पूरा थाने सस्पेंड करने की मांग पर अड़े थे। आईएमए ने हड़ताल को लेकर 15 सदस्यों की कमेटी बना दी थी, जो आगे की रणनीति तैयार करती। डीसीपी ने कहा- मरीजों को गलती की सजा न दें
डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने मीटिंग में डॉक्टरों से कहा कि आप सभी को धरती पर ईश्वर का रूप कहा जाता है। हमारे थाने में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। आप सभी से अनुरोध है कि आप अपने काम पर लौटें। 2-3 लोगों की गलती की सजा हजारों मरीजों को न दें। डीसीपी ने कहा कि जिन 2 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को डॉ. अविनाश ने पहचाना है, उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। साथ ही एक वॉट्सऐप ग्रुप भी बनाया जाएगा, जिसमें डॉक्टर्स और पुलिस अधिकारी होंगे। डॉक्टर अपने साथ होने वाली घटनाओं और समस्याओं की जानकारी इस ग्रुप में देंगे। पुलिस इन समस्याओं पर नियमानुसार कार्रवाई करेगी। 2 महिला डॉक्टरों के साथ भी हुई अभद्रता
आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनूप दीक्षित ने बताया कि डॉ. अविनाश को जब हवालात में डाला गया, तब उनसे मिलने दो महिला डॉक्टर पहुंचीं। इंस्पेक्टर की पत्नी अनीता ने उनके साथ भी अभद्रता की। इन महिला डॉक्टरों के सामने भी अनीता माफी मांगने को तैयार हैं। अब पढ़िए हड़ताल का असर… मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बढ़ी भीड़
डॉक्टरों की हड़ताल के कारण सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ती चली गई। जब मरीजों की हालत बिगड़ने लगी तो उन्हें मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में रात से अब तक 10 से 15% मरीजों की बढ़ोतरी हुई है। प्राइवेट अस्पताल ने भर्ती करने से मना किया
शंभू नगर के रहने वाले अटल सिंह ने बताया कि उनके चाचा गिर गए थे। गिरने की वजह से उन्हें गंभीर चोट लगी। सुबह उन्हें लेकर पहले घर के पास ही एक प्राइवेट हॉस्पिटल में पहुंचे। जहां उन्हें हड़ताल के कारण भर्ती करने से मना कर दिया गया। इसके बाद उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लाकर भर्ती कराया। सलमा अपनी बहू को इमरजेंसी वार्ड ले आईं
इस्लामनगर से आई सलमा ने बताया कि पहले वह अपनी बहू को लेकर प्राइवेट हॉस्पिटल में गई थी। वहां एडमिट नहीं किया गया। इसके बाद लोगों ने मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में ले जाने की सलाह दी। यहां पर उन्होंने अपने भांजे की पत्नी को भर्ती कराया। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। हड़ताल खत्म होने के बाद की तस्वीरें… अब पढ़िए डॉक्टरों की हड़ताल का पूरा मामला… गुरुवार को सर्जन डॉ. अविनाश सिंह अपने घर से सिकंदरा स्थित हॉस्पिटल के लिए निकले। अविनाश सिंह का कहना है कि कारगिल चौराहे, शास्त्रीपुरम में उनके आगे चल रही कार ने अचानक ब्रेक मारा। डॉक्टर ने जब तक ब्रेक मारा, तब तक उनकी कार आगे की गाड़ी से टकरा गई। उस कार के ड्राइवर ने उन्हें गाली दी। इसके बाद डॉ. अविनाश अपनी कार लेकर वहां से निकल गए। उनकी कार जब थाना सिकंदरा के पास पहुंची तो पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी रोक दी। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ बदतमीजी की गई। किसी ने उन्हें थप्पड़ मारा। हालांकि, डॉक्टर थप्पड़ मारने वाले को देख नहीं पाए। डॉक्टर के जूते-मोजे और बेल्ट उतरवाए
इसी बीच कार से एक महिला उतरीं और उनका वीडियो बनाने लगीं। इसके बाद पुलिसवाले उन्हें पकड़कर ले गए और थाना सिकंदरा के हवालात में बंद कर दिया। उनके जूते, मोजे और बेल्ट भी उतरवा लिए। वहां डॉक्टर की एक ना सुनी गई। जिस कार से डॉ. अविनाश की कार की टक्कर हुई थी। उस कार में पूर्व सिकंदरा थाने के इंचार्ज की पत्नी थीं। पत्नी शिक्षक हैं और किसी शिक्षक संघ से जुड़ी हुई हैं। डॉ. अविनाश का कहना है कि महिला ने घटनास्थल से तुरंत अपने पति को फोन किया था। उनके पति ने थाना सिकंदरा में फोन कर कार्रवाई की बात कही थी, इसी के बाद ये सब हुआ। डॉक्टर्स बोले- जिस महिला के कारण घटना हुई, वो कहां है डीसीपी के साथ बैठक से पहले सिकंदरा थाना इंचार्ज नीरज कुमार शर्मा ने माफी मांगी। उन्होंने कहा कि जो भी घटना हुई है। उसके लिए मैं पूरे थाने की तरफ से माफी मांगता हूं। लेकिन डॉक्टर्स नहीं माने। उन्होंने कहा कि जिस महिला की वजह से यह घटना हुई है, वो कहां है। उसके खिलाफ पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है। जिस पुलिस वाले ने डॉक्टर को थप्पड़ मारा, उस पर क्या कार्रवाई होगी। इस पर नीरज कुमार शर्मा ने कहा कि बड़ों को माफी देनी चाहिए। इस बात पर सभी डॉक्टर्स उखड़ गए और फैसला लिया कि हड़ताल जारी रहेगी। एसीपी ने भी माफी मांगी, लेकिन डॉक्टर्स नहीं माने डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय की बैठक से पहले भी पुलिस ने डॉक्टर्स के साथ बैठक की थी। इस मीटिंग में कोई हल न निकलने पर एसीपी आदित्य पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि हम डॉक्टर का भी पक्ष सुनना चाहते हैं। इस पर सभी डॉक्टर्स गुस्सा हो गए। डॉ. मुनीश्वर गुप्ता ने कहा कि आप कितनी बार पक्ष सुनेंगे। 24 घंटे में भी आपको हमारा पक्ष नहीं समझ आया है। आप यह बताएं कि कार्रवाई क्या करेंगे। बहुत देर तक डॉक्टर्स एसीपी आदित्य से असहमति जताते रहे। एसीपी ने भी माफी मांगी। लेकिन डॉक्टर्स नहीं माने। ————————– ये भी पढ़ें: IPS ने चूहों की गर्दन काटी, सिपाही से कहा-हवन करेंगे:मुरादाबाद SP ट्रैफिक के दफ्तर में तोड़फोड़ की, महिला अफसर से बदसलूकी की एक IPS ने 2 चूहों की गर्दन काट दी। फिर सिपाही को बुलाकर कहा, चलो हवन करेंगे। सिपाही ने इनकार किया तो बोला-चुपचाप मेरे साथ हवन कर…नहीं तो तेरी हालत भी चूहों जैसी कर दूंगा। ये सुनने में थोड़ा अजीब है, लेकिन ये हकीकत मुरादाबाद में तैनात एक ट्रेनी IPS की है। इस IPS की हरकतों ने पिछले सप्ताह मुरादाबाद के पुलिस महकमे में खूब खलबली मचाई। पढ़ें पूरी खबर…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *