आगर मालवा में जनसुनवाई के दौरान एक अजीबोगरीब मामला सामने आया, जहां एक जीवित बुजुर्ग को सरकारी रिकॉर्ड में ‘मृत’ घोषित कर दिया गया। कचरूलाल नाम के यह बुजुर्ग खुद को जीवित साबित करने के लिए अधिकारियों के सामने पेश हुए। कागजों में मरा हुआ दिखाए जाने की वजह से उनकी बुढ़ापा पेंशन और राशन मिलना बंद हो गया था, जिससे उनके सामने खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में हुई जनसुनवाई में कचरूलाल ने अधिकारियों को अपना दुखड़ा सुनाया। उन्होंने बताया कि नगरपालिका की गलती से उन्हें मृत मान लिया गया है। उनकी पत्नी ने कहा कि वे इस सुधार के लिए कई बार नगरपालिका के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन वहां कोई उनकी बात सुनने को तैयार नहीं था। पेंशन और राशन बंद होने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अपर कलेक्टर ने दिए तुरंत राहत के निर्देश अपर कलेक्टर आर.पी. वर्मा ने बुजुर्ग की बात सुनकर इसे बड़ी लापरवाही माना। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि बुजुर्ग की पेंशन और राशन तुरंत चालू किया जाए। इस जनसुनवाई में कुल 82 लोग अपनी समस्याएं लेकर आए थे, जिनमें से कई का मौके पर ही निपटारा किया गया और बाकी फाइलों को संबंधित विभागों को भेजा गया। नगरपालिका ने तकनीकी खराबी को बताया कारण इस पूरे मामले पर नगरपालिका सीएमओ कुशलसिंह डोडवे ने सफाई देते हुए कहा कि यह सब ई-केवाईसी (e-KYC) न होने की वजह से आई एक तकनीकी दिक्कत है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि इस कमी को जल्दी दूर कर लिया जाएगा और बुजुर्ग को सरकारी योजनाओं का लाभ फिर से मिलने लगेगा।


