आगर मालवा के आवर मंडल अंतर्गत ग्राम आवर में रविवार को एक हिंदू सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के पूजन-अर्चन और अतिथियों द्वारा गो-पूजन के साथ हुई। सम्मेलन के मुख्य वक्ता बृजमोहन चौहान ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्षों की उपलब्धियों और ‘पंच परिवर्तन’ विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि देशभर में संघ की 80 हजार से अधिक शाखाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें करोड़ों स्वयंसेवक अनुशासन और संस्कारों के साथ राष्ट्रसेवा में लगे हैं। चौहान ने यह भी उल्लेख किया कि आरएसएस से जुड़े 50 से अधिक प्रमुख और सैकड़ों आनुषांगिक संगठन, जैसे विद्या भारती, सेवा भारती, वनवासी कल्याण आश्रम, स्वदेशी जागरण मंच और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, निरंतर राष्ट्र व समाज सेवा में सक्रिय हैं। राष्ट्रीय संत सुधीर नागर ने हिंदुत्व पर ओजस्वी उद्बोधन दिया, जिसमें उन्होंने समाज में एकता, संगठन और संस्कारों की आवश्यकता पर जोर दिया। मातृशक्ति की प्रतिनिधि अनीता हाड़ा ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन, मातृशक्ति की उपलब्धियों और उनकी भूमिका पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रताप सिंह आर्य ने सामाजिक समरसता पर प्रकाश डालते हुए समन्वय और एकजुटता को समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। मुख्य वक्ता बृजमोहन चौहान ने कहा कि समरस घर, समरस परिवार और समरस समाज का निर्माण ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने ‘पंक्ति के अंतिम व्यक्ति को साथ लेकर चलना’ को सामाजिक समरसता का मूल मंत्र बताया। कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ, जिसके बाद समरस भोज का आयोजन किया गया। इन गांवों से पहुंचे ग्रामीण इस सम्मेलन में आवर मंडल के आठ ग्रामों – आवर, देवली, सिरपोई, ढोटी, पालखेड़ी, कांकर, जोगपुरा और पूरा साहब नगर से बड़ी संख्या में सनातनी हिंदू समाज के लोग और मातृशक्ति उपस्थित रही। इस उपस्थिति ने सम्मेलन को सफल और प्रेरणादायी बनाया।


