आजम खान थोड़ी देर में सीतापुर जेल से रिहा होंगे। वह 23 महीने से जेल में बंद हैं। बेटे अदीब आजम उन्हें लेने के लिए पहुंच गए हैं। हालांकि, पुलिसवालों ने उन्हें जेल के बाहर से हटा दिया। भीड़ को संभलाने के लिए करीब 50 पुलिसवाले तैनात हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बार पर जबरन कब्जे के मामले में गुरुवार को आजम को जमानत दी थी। आजम के बसपा में जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों का कहना है कि 9 अक्टूबर को लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती बड़ा सम्मेलन करने वाली हैं। उसी दिन आजम बसपा में शामिल हो सकते हैं। आजम के खिलाफ 104 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें अकेले रामपुर में 93 मामले दर्ज हैं। सभी मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी है। 2022 में भड़काऊ भाषण देने के एक मामले में अदालत ने दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद आजम की विधायकी चली गई थी। आजम फरवरी, 2020 में गिरफ्तारी के बाद सबसे पहले रामपुर जेल भेजे गए थे। वहां से उन्हें सुरक्षा कारणों से सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। मई, 2022 में आजम खान जेल से जमानत पर बाहर आ गए। इसके बाद एक मामले में सजा होने के बाद 18 अक्टूबर, 2023 को आजम खान ने सरेंडर कर दिया था। इसके बाद उन्हें पहले रामपुर जेल भेजा गया, फिर सीतापुर जेल शिफ्ट कर दिया गया। आजम की रिहाई से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…


