एनाम खान | गढ़वा फुटबॉल स्टेडियम के पास नगर परिषद द्वारा निर्मित वेंडिंग जोन की दुकानों का आवंटन अब तक नहीं हो सका है। इस वेंडिंग जोन के लिए करीब 25 माह पूर्व आवेदन प्रक्रिया पूरी की गई थी, जिसमें लगभग 600 लोगों ने आवेदन पत्र जमा किए थे। बावजूद इसके इतने लंबे समय बीत जाने के बाद भी आवंटन की प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। इससे आवेदकों में गहरी नाराजगी और रोष व्याप्त है। जानकारी के अनुसार नगर परिषद द्वारा वेंडिंग जोन का निर्माण छोटे कारोबारियों, फुटपाथ दुकानदारों और ठेला-खोमचा लगाने वालों को एक व्यवस्थित और स्थायी स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। इसका मकसद यह भी था कि सड़क किनारे अव्यवस्थित ढंग से लगने वाली दुकानों से होने वाली यातायात बाधा और अन्य समस्याओं को दूर किया जा सके। इसी उद्देश्य के तहत नगर परिषद ने फुटबॉल स्टेडियम के पास दुकानों के आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। बताया गया कि दुकान आवंटन के लिए आवेदन लेने की तिथि 20 दिसंबर 2023 निर्धारित की गई थी। जबकि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 22 दिसंबर 2023 थी। इस दौरान कुल 600 लोगों ने आवेदन किया। प्रत्येक आवेदक से 1200 रुपए का ड्राफ्ट लिया गया था। इसके साथ ही आवेदकों को आवेदन पत्र के साथ शपथ पत्र (एफिडेविट), दो पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड की छायाप्रति, मतदाता पहचान पत्र की छायाप्रति और होल्डिंग टैक्स की छायाप्रति भी जमा करनी पड़ी थी। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद आवंटन प्रक्रिया शुरू नहीं होने से आवेदक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। आवेदकों का कहना है कि सरकार और प्रशासन लगातार स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात करते हैं। लेकिन जब उन्हें स्थायी और सुरक्षित स्थान देने की बारी आती है तो प्रक्रियाएं वर्षों तक लटक जाती हैं। कई आवेदक वर्तमान में मजबूरीवश सड़क किनारे अस्थायी रूप से दुकान लगाकर अपनी आजीविका चला रहे हैं। जिससे उन्हें आए दिन प्रशासनिक कार्रवाई और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आवेदकों ने यह भी बताया कि बस स्टैंड और सब्जी बाजार (पुरानी बाजार) में बनाए गए दुकानों का आवंटन पहले ही पूरा कर लिया गया है। स्टेडियम के पास बनी दुकानों का आवंटन जल्द नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि फुटबॉल स्टेडियम के पास बने दुकानों का आवंटन शीघ्र ही किया जाएगा। इसके लिए नगर परिषद की ओर से आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बस स्टैंड और पुरानी बाजार की दुकानों का आवंटन उपायुक्त द्वारा गठित कमेटी की देखरेख में किया गया था और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही थी।


