झारखंड में आज आसमान में बादल छाए रहेंगे। कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने खासकर पश्चिमी सिंहभूम, गुमला, सिमडेगा, रांची और खूंटी जिलों के लिए तेज बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं का अलर्ट जारी किया है। राजधानी रांची सहित मध्य झारखंड के कुछ हिस्सों में दोपहर के बाद तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, पूर्वी जिलों में बादलों के बीच हल्की धूप-छांव बनी रहेगी, जिससे उमस बढ़ेगी। 4 जुलाई तक कई हिस्सों में होगी भारी बारिश राज्य में मानसून पूरी तरह से सक्रिय है। लगातार सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज होने वाली हैं। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार, 2 जुलाई से लेकर 4 जुलाई तक दक्षिण-पश्चिमी, उत्तर-पश्चिमी और मध्य झारखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कहीं-कहीं वज्रपात और आंधी-तूफान की स्थिति भी बन सकती है। खासकर 2 और 3 जुलाई को राज्य के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अनुमान है। अधिकतम पारा में आयी मामूली गिरावट तापमान की बात करें तो अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। रांची, बोकारो, जमशेदपुर, दुमका, देवघर, लोहरदगा और हजारीबाग जैसे जिलों में दिन का तापमान 29 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। न्यूनतम तापमान 23 से 26 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। 5 दिन के तापमान को लेकर किए गए पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के लगभग सभी जिलों में अधिकतम तापमान 29 से 34 डिग्री के आसपास बना रहेगा, हालांकि भारी बारिश के कारण कुछ जिलों में हल्की ठंडक भी महसूस की जा सकती है। चाईबासा, गुमला और सिमडेगा में सर्वाधिक बारिश बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो चाईबासा, गुमला और सिमडेगा जिले सबसे आगे हैं। चाईबासा में 453.4 मिमी, गुमला में 280.5 मिमी और सिमडेगा में 253.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। रांची, जमशेदपुर, सरायकेला, हजारीबाग और खूंटी में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 27 जून तक झारखंड में कुल औसतन 306.5 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य वर्षा 170.3 मिमी ही होती है। यानी राज्य में सामान्य से 80% अधिक बारिश हो चुकी है। धान लगाने के लिए बेहतरीन समय मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति खरीफ फसलों के लिहाज से काफी अनुकूल है। खेतों में भरपूर नमी है और धान की बुवाई के लिए अच्छी स्थिति बन चुकी है। हालांकि, विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खुले स्थानों और खेतों में काम करते समय बिजली गिरने से बचने के लिए सावधानी बरतने को कहा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता की जरूरत है क्योंकि मौसम अचानक बदल सकता है। ऐसा रह सकता है प्रदेश का पारा अगले पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान अधिकांश जिलों में 29 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। गोड्डा राज्य का सबसे गर्म जिला रह सकता है। इसके अलावा धनबाद, दुमका, देवघर, जामताड़ा और पूर्वी सिंहभूम में भी तापमान ऊंचा बना रहेगा। न्यूनतम तापमान की बात करें तो अधिकांश जिलों में यह 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने वाला है। रांची, सिमडेगा और खूंटी जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान अपेक्षाकृत कम रहेगा, जिससे इन क्षेत्रों में सुबह-शाम हल्की ठंडक महसूस की जा सकती है।


