मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से आयोजित हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर जिले में व्यापक तैयारियां की गई हैं। प्रशासन ने सभी 33 परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत कर दी है, ताकि परीक्षाएं निष्पक्ष और नकलमुक्त तरीके से संपन्न हो सकें। हजारों विद्यार्थी देंगे परीक्षा इस वर्ष कुल 17,589 नियमित परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें हाई स्कूल के 9,863 और हायर सेकेंडरी के 7,726 विद्यार्थी हैं। वहीं स्वाध्यायी परीक्षार्थियों की संख्या 689 है, जिसमें हाई स्कूल के 305 और हायर सेकेंडरी के 384 छात्र शामिल हैं। हर केंद्र पर कलेक्टर प्रतिनिधि नियुक्त प्रशासन ने प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर कलेक्टर प्रतिनिधियों की नियुक्ति की है। इनका काम परीक्षा के दौरान व्यवस्था पर नजर रखना और किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाना होगा। परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए जिला और विकासखंड स्तर पर निरीक्षण दल बनाए गए हैं। ये टीमें परीक्षा अवधि में केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगी और व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगी। शिक्षा विभाग का अलग निरीक्षण दल इसके अलावा शिक्षा विभाग ने भी अपना अलग निरीक्षण अमला तैनात किया है। यह दल केंद्रों पर अनुचित गतिविधियों, नकल या नियमों के उल्लंघन पर विशेष नजर रखेगा। जिले में 7 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील और 1 को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। इन स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। विशेष सुरक्षा बल तैनात संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर विशेष सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। यहां प्रवेश, बैठने की व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निरंतर निगरानी की व्यवस्था की गई है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने की तैयारी रखी गई है। केंद्र अध्यक्षों को दिए गए स्पष्ट निर्देश जिला प्रशासन द्वारा आयोजित समीक्षा बैठकों में केंद्र अध्यक्षों और सहायक केंद्र अध्यक्षों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा का संचालन पूरी तरह निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से हो। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने सभी अधिकारियों को सजगता और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि जिले में नकलमुक्त परीक्षा कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।


