इंदौर के प्राचीन रणजीत हनुमान मंदिर में शुक्रवार से 4 दिवसीय रणजीत अष्टमी महोत्सव शुरू होगा। सुबह कलेक्टर मंदिर में ध्वजारोहण करेंगे। आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। चार दिनों तक अलग-अलग आयोजन मंदिर परिसर में होंगे। मुख्य आयोजन प्रभातफेरी का रहेगा, जो 23 दिसंबर की सुबह 5 बजे मंदिर परिसर से निकलेगी। मंदिर के मुख्य पुजारी पं.दीपेश व्यास ने बताया कि रणजीत अष्टमी पर होने वाला यह आयोजन मंदिर का परंपरागत उत्सव है। इसे लेकर सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी है। शुक्रवार को महोत्सव की शुरुआत होगी। सुबह कलेक्टर आशीष सिंह मंदिर पहुंचेंगे और मंदिर में ध्वजारोहण करेंगे। ध्वजारोहण के बाद 11 हजार ध्वजाओं का पूजन भी मंदिर परिसर में किया जाएगा। मातृशक्ति और पुरुषों के हाथों में होगी 11 हजार ध्वजाएं पं.दीपेश व्यास ने बताया कि, शुक्रवार को जिन 11 हजार ध्वजाओं का पूजन किया जाएगा। ये ध्वजा 23 दिसंबर को निकलने वाली प्रभातफेरी में मातृशक्तियों और पुरुषों के हाथों में रहेगी। इन ध्वजाओं के साथ मातृशक्तियां और पुरुष प्रभातफेरी में शामिल होकर चलेंगे। रात में होगा भजन संध्या का आयोजन महोत्सव की अगले दिन यानी शनिवार को मंदिर परिसर 51 हजार दीपों की रोशनी से जगमग होगा। मंदिर परिसर में दीपोत्सव मनाया जाएगा। सैकड़ों भक्त यहां बाबा के दर्शन करने आएंगे। मंदिर परिसर में दीपोत्सव के बाद रात में भजन संध्या का आयोजन होगा। भजन संध्या देर रात तक जारी रहेगी। जिसमें भक्त भजनों पर झूमेंगे। सवा लाख रक्षा सूत्रों होंगे अभिमंत्रित पं.दीपेश व्यास ने बताया कि 22 दिसंबर को सवा लाख रक्षा सूत्रों को अभिमंत्रित किया जाएगा। पूरे विधि-विधान के साथ इन रक्षा सूत्रों को अभिमंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही बाबा के विग्रह का अभिषेक किया जाएगा। ये सभी रक्षा सूत्र अभिमंत्रित करने के बाद इन्हें प्रभातफेरी के बाद भक्तों में निशुक्ल वितरित किया जाएगा। 23 दिसंबर को निकलेगी प्रताभफेरी महोत्सव के अंतर्गत 23 दिसंबर को बाबा की भव्य प्रभातफेरी सुबह 5 बजे निकलेगी। करीब 4 किमी लंबा यात्रा मार्ग रहेगा। सुबह 5 बजे बाबा स्वर्ण रथ में विराजित होकर भक्तों को दर्शन देने के लिए निकलेंगे। प्रभातफेरी मंदिर परिसर से शुरू होकर द्रविड़ नगर चौराहे से महूनाका चौराहा। महूनाका चौराहे से दशहरा मैदान होते हुए अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचेगी। अन्नपूर्णा मंदिर से यात्रा नरेंद्र तिवारी मार्ग होते हुए वापस मंदिर परिसर पर समाप्त होगी। पिछले साल यात्रा में करीब 5 लाख भक्त शामिल हुए थे। इस बार उम्मीद है कि 5 लाख से ज्यादा भक्त प्रभातफेरी में शामिल होंगे।


