भास्कर न्यूज | जालंधर किशनपुरा स्थित श्री सिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर सुक्का तालाब का 40वें मूर्ति स्थापना दिवस पर शनिवार को विद्वानों ने विधिवत पूजा-अर्चना की। भक्तों ने दरबार में माथा टेककर अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में सुमित शर्मा व अन्य भजन पार्टियों ने प्रभु के भजनों का गुणगान कर भक्तिमय माहौल बनाया। प्रबंधकों ने बताया कि रविवार 18 मई को सुबह सात बजे 108 दुर्गा स्तुति पाठ, 11 बजे ध्वजारोहण और दोपहर 12 बजे भंडारे का प्रबंध किया गया है। इस मंदिर का इतिहास काफी रोचक है। और उससे भी अधिक रोचक है यहां स्थित सूखा तालाब की कहानी। मंदिर के प्रधान मंगत राय शर्मा और संयोजक विनोद रत्ती ने बताया कि इस तालाब का वर्णन पौराणिक कथाओं में भी मिलता है। कहते हैं एक महात्मा के श्राप के कारण आज तक इस तालाब में पानी नहीं रुका। एक बूंद भी यहां नहीं ठहरती। इसलिए इसे सूखा तालाब कहा जाता है। तालाब तो है पर सूखा है यही बात दूर-दूर से लोगों को यहां खींच लाती है। प्रधान शर्मा बताते हैं कि एक किवंदति के अनुसार, सदियों पहले जब यह तालाब पानी से लबालब भरा रहता था तो यहां जीव-जंतु अपनी प्यास बुझाते थे। एक दिन एक महात्मा इस तालाब के किनारे अपनी प्यास बुझाने आए। जैसे ही उन्होंने पानी भरने के लिए सोने का कमंडल तालाब में डाला, तो वह उनके हाथ से छूट गया और तालाब में डूब गया। बहुत प्रयास करने पर कमंडल उन्हें प्राप्त नहीं हुआ। तब उन्होंने तालाब को श्राप दिया कि जैसे तुमने मुझे प्यासा रखा है, अब तू भी सदा ही प्यासा रहेगा। तब से वह तालाब धीरे-धीरे सूखता चला गया। कहते हैं कि वर्ष 1985 में जब शहर में आई बाढ़ से पूरा किशनपुरा क्षेत्र डूब गया। तब फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की मदद से पूरे क्षेत्र का पानी इस तालाब में डाल दिया गया। वह पानी कहां गया, अब तक किसी को पता नहीं चला। स्थानीय लोगों ने बहुत ही उत्साह और समर्पण के साथ सूखे तालाब की सेवा की। इसके फलस्वरूप आज इसके आसपास विशाल मंदिर और जंज घर बने हुए हैं। लोग सेहतमंद रहने के लिए यहां रोज सुबह-शाम योग करने आते हैं। यहां योग क्लास भी लगाई जाती हैं, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने बताया िक शुरुआत में मंदिर में एक शिवालय और बाबा बालक नाथ जी की मूर्ति स्थापित थी। प्रभु के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ने लगी और मंदिर का विकास होता गया। आज मंदिर में बाबा बालक नाथ जी की प्राचीन प्रतिमा और शिवलिंग के साथ ही शिव परिवार, संतोषी माता, लक्ष्मी माता, वैष्णो माता, सरस्वती माता, प्रभु श्रीराम दरबार, भैरव बाबा, बजरंग बली, शनि देव महाराज का मंदिर भी है। इसके अलावा मंदिर परिसर में ही जरूरतमंद लोगों के लिए फिजियोथैरेपी सेंटर, धर्मशाला और तीन हॉल भी हैं। प्रबंधक कमेटी में प्रधान मंगत राम शर्मा, सुरिंदर प्रभाकर, नरिंदर गोयल, केवल कृष्ण शर्मा, वरिंदर गुप्ता, हनुमान सिंगला, नरिंदर शर्मा, सुभाष पासी, विनोद रत्ती, विजय शर्मा, आरके शर्मा, बाल कृष्ण शर्मा व अन्य मेंबर शामिल हैं।


