मंदसौर न्यायालय ने आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाते हुए मृतक की मामी को 7 साल के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायाधीश मुनेन्द्र सिंह वर्मा की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। अपर लोक अभियोजक विजय कुमार पाटीदार ने बताया कि 19 मार्च 2020 को विजय ने सितमाऊ स्थित घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सीतामऊ पुलिस ने केस दर्ज किया था। जांच के दौरान गवाहों ने बताया कि उसके अपनी मामी सरोजबाई पति अमृतलाल देवड़ा (32) से प्रेम संबंध थे। विजय अपना पूरा वेतन सरोजबाई को देता था। जब विजय की शादी की बात चलती तो सरोज बाई ने उसे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। मामी की धमकियों से परेशान होकर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश मुनेन्द्र सिंह वर्मा की कोर्ट ने तथ्यों और तर्कों के आधार पर आरोपी सरोजबाई देवड़ा को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का दोषी पाते हुए 7 वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।


