दूनी थाना पुलिस ने आठ साल पहले युवक को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने और ठगी करने के मामले में मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दूनी थाना प्रभारी हेमंत जनागल ने बताया कि 29 अक्टूबर 2016 को धनसिंह पुत्र भंवर सिंह राजपूत निवासी बडोली थाना दूनी ने रिपोर्ट दी थी कि मेरे (पीड़ित) पुत्र गोविन्द सिंह को पप्पू कुमार शाह व उसके साथी ने विदेश भेजने के नाम पर ठगी कर तीन लाख रुपये से ज्यादा रूपये उनके बैंक खातों में डलवा लिए। पीड़ित के बेटे को लोगों ने विदेश भी नहीं भेजा और ना वे दुबारा मिले। इससे अवसादग्रस्त होकर पीड़ित के बेटे गोविन्द ने पंखे से रस्सी के सहारे लटककर आत्महत्या कर ली थी। उसका जिम्मेदार पप्पू कुमार शाह व एक उसका साथी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु की। जांच में सामने आया कि जिन बैंक खातों में आरोपियों ने पैसा जमा करवाया, उनका एड्रेस ही गलत निकला। ऐसे में पुलिस के लिए इन्हें पकड़ पाना मुश्किल हो रहा था। इसी बीच सुराग मिला कि आरोपी जयपुर में रह रहे हैं। पुलिस ने आरोपी पप्पू कुमार शाह को मंगलवार को जयपुर रामगंज थाना क्षेत्र से एक मकान में दबिश देकर पकड़ लिया। पप्पू कुमार शाह से पूछताछ व जांच के आधार पर बुधवार को इस वारदात के मास्टर माइंड दिलीप कुमार शर्मा उर्फ नरेश को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों ने मृतक गोविन्द सिंह के साथ नौकरी के नाम से ठगी करना कबूल किया है। दिलीप कुमार उर्फ नरेश ने इसी प्रकार ठगी जयपुर में भी कर चुका है। इस मामले में जयपुर की खो नागोरियान थाना पुलिस उसे गिरफ्तार भी कर चुकी है । ठगी के मामले में 2021 में जेल जा चुका है। प्रॉपर्टी के कारोबार में नुकसान होने पर शुरु की ठगी शुरूआती पूछताछ में सामने आया कि ठगी का मास्टर माइंड आरोपी दिलीप कुमार शर्मा उर्फ नरेश पहले प्रॉपर्टी का कारोबार करता था। उसमें इसे काफी नुकसान हो गया। इस नुकसान की भरपाई करने के लिए इसने अख़बार में अच्छी नौकरी दिलवाने के लिए विदेश भेजने का विज्ञापन अखबारों में निकलवाया। उस अखबार में निकले विज्ञापन के आधार पर जयपुर में अच्छे जॉब की तलाश कर रहे बेरोजगार गोविन्द सिंह पुत्र धन सिंह निवासी बड़ोली मुख्य आरोपी की बातों में आ गया और उससे इन्होने करीब तीन लाख रुपये से ज्यादा रुपये अपने बैंक खातों में डलवा लिए। फिर काफी दिनों तक भी पीड़ित को विदेश नहीं भेजा और रुपये भी वापस नहीं देने से परेशान होकर गोविंद ने सुसाइड कर लिया। मृतक के एक बच्ची है, इंजीनियरिंग डिप्लोमा कर रखा था मृतक में बड़े भाई शेर सिंह ने बताया कि उसका छोटा भाई गोविंद सिंह शादीशुदा था। उसके एक बच्ची भी थी। उस समय उसकी उम्र करीब 24 साल थी। उसकी स्कूली पढ़ाई नवोदय स्कूल छान में हुई थी। वह दो भाई दो बहने थी। गोविंद सिंह सबसे छोटा था। वह सामान्य परिवार सा था।उसकी मौत के बाद उसकी पत्नी भी अन्य जगह चली गई। गोविंद सिंह पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी जोधपुर इंजीनियरिंग डिप्लोमा कर चुका था। वह जयपुर रहकर नौकरी के लिए प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहा था। आरोपी को तीन लाख बीस हजार रुपये दो तीन किश्तों में दिए थे। लेकिन आरोपी ना तो विदेश भेजा और ना रुपये वापस दिए। इससे तनाव में आकर उसने जयपुर से गांव आकर सुसाइड कर लिया। उसने उस समय सुसाइड नोट भी छोड़ा था। उसमें आरोपी को जिम्मेदार ठहराया था।


