अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में सिंधेकेला हाई स्कूल के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का कार्यक्रम आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के भाई-बहनों ने भी हिस्सा लिया और राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से वायुमंडल में शांति और पवित्रता के प्रकंपन फैलाने में अपना योगदान दिया। इस समारोह में योग प्रशिक्षक ने सभी को शारीरिक स्वास्थ्य के लिए विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया। ब्रह्माकुमारी सेवाकेंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी मनीषा बहन ने योग का अर्थ बताते हुए कहा कि योग का शाब्दिक अर्थ होता है जोड़ना (संबंध) या मिलन। योग अनेक प्रकार के होते हैं जैसे की ज्ञानयोग, हठयोग, कर्मयोग, ध्यानयोग, भक्तियोग इत्यादि। लेकिन इन सभी में सर्वश्रेष्ठ योग है राजयोग। और राजयोग एक ऐसा योग है जिससे हम आत्मा का कनेक्शन परमात्मा के साथ जोड़ सकते हैं। राजयोग के लिए तीन बातों की आवश्यकता होती है साधक, साध्य, साधन। साधक हम स्वयं हैं, साध्य स्वयं परमपिता परमात्मा है और साधन हमारा मन है, अर्थात मन ही है जो आत्मा का कनेक्शन परमात्मा से जोड़ सकते हैं। राजयोग में मन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।आगे दीदी जी ने बताया की राजयोग के लिए चार स्टेप्स की जरूरत पड़ती है पहला आत्मनिरीक्षण अर्थात मन के संकल्पों की चेकिंग।दूसरा अंतर्मुखता अर्थात स्वयं की चेकिंग करना आखिर मैं कौन हूं? मैं शांत स्वरूप आत्मा हूं। तीसरा मनन अर्थात परमात्म ज्ञान का चिंतन करना। और चौथी है अनुभूति अर्थात परमात्मा शक्तियों की, दिव्यगुणों की अनुभूति। अगर यह चारों स्टेप को हमने विधि पूर्वक फॉलो कर लिया तो हम एक सच्चा राजयोगी बन सकते हैं। दीदी जी ने राजयोग के फायदे भी बताएं कि जिस प्रकार शरीर को स्वस्थ रखने के लिए शारीरिक व्यायाम जरूरी है। उसी प्रकार मन को भी शक्तिशाली बनाने के लिए मन की भी एक्सरसाइज जरूरी है। क्योंकि अगर मन स्वस्थ होगा तो तन को भी हम स्वस्थ रख सकते हैं और राजयोग के द्वारा ही हमारे अंदर अष्ट शक्तियों की भी प्राप्ति होती है। हमारे जीवन में नैतिक मूल्यों की धारणा होने लगती है और साथ में हमारे जीवन में सुख और शांति भी आने लगती है। इस मौके पर हेड मास्टर लोकनाथ मेहेर और साथ में सभी टीचर्स, ब्रह्माकुमारी संस्थान की संचालिका बीके मनीषा बहन और साथ में जमुना बहन और संस्थान से जुड़े सभी भाई-बहन और स्कूल के सभी स्टूडेंट्स मौजूद थे। बीके मनीषा बहन ने सभी भाई बहनों को शारीरिक एक्सरसाइज और साथ में मानसिक एक्सरसाइज भी कराया और सभी को परमात्मा प्रसाद भी वितरण किया गया। राजयोग का अभ्यास कराया राजयोग का महत्व बताने के बाद दीदी ने सभी को राजयोग का अभ्यास कराया और लास्ट में बीके विष्णु भाई और बीके इंद्रजीत भाई ने शारीरिक एक्सरसाइज भी कराया गया। उसके पश्चात शाम को भी ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के द्वारा सिंधेकेला द्वादशमी मंदिर के पास के भवन में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रोग्राम रखा गया, जिसमें संस्था के सभी बीके भाई बहन और गांव के सभी भाई बहन उपस्थित थे। जिसमें बीके जमुना बहन ने परमात्मा के महावाक्य सुनाएं।


