आत्मा की तृप्ति के लिए श्रीमद् भागवत कथा काफी

भास्कर न्यूज | जालंधर प्रीत नगर के श्री सनातन धर्म मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया। विद्वानों ने विधिवत पूजन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। श्रीमद् भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कथा वाचक पंडित वेंकटेश महाराज ने श्रद्धालुओं को कर्म की प्रधानता के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि “संसार में कर्म ही प्रधान है और बिना कर्म के कुछ भी संभव नहीं है। “उन्होंने जोर देकर कहा कि जो मनुष्य सत्कर्म की राह पर चलता है, उसे सदैव सुखद फल प्राप्त होता है, जबकि बुरे कर्म करने वाले को उसके दुष्परिणाम भोगने ही पड़ते हैं। पंडित जी ने भागवत कथा की तुलना अमृत से करते हुए कहा कि यह एक ऐसा दिव्य रस है जो आत्मा की तृप्त करने के लिए काफी है। यह कथा मनुष्य को जीवन जीने की सही कला सिखाती है। इस आध्यात्मिक समागम में बड़ी संख्या में भक्तों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में भगवान की भव्य आरती की गई, जिसके बाद सभी ने आशीर्वाद प्राप्त किया। यहां हनी बंसल, वरिंदर कुमार, प्रभा गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, बिंदू अग्रवाल, पूनम गुप्ता, वेदिका गुप्ता, अर्जुन गुप्ता व अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे।

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