उमरिया जिला मुख्यालय स्थित आदिवासी छात्रावास में रविवार दोपहर करीब 3 बजे यहां रहने वाले स्कूली बच्चे पढ़ाई करने के बजाय झाड़ू लगाते और दीवारों पर पेंट करते नजर आए। चौंकाने वाली बात यह है कि छात्रावास के जिम्मेदार अधिकारी खुद मौके पर खड़े होकर बच्चों से यह मजदूरी करवा रहे थे। यह पूरा वाकया 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले बच्चों से पूरे परिसर में झाड़ू लगवाई गई और फिर उन्हें पेंटिंग के काम में लगा दिया गया। जैसे ही बच्चों की नजर वीडियो बना रहे लोगों पर पड़ी, वे डरकर काम छोड़ खड़े हो गए। इसके बावजूद वहां मौजूद अधिकारियों ने बच्चों को काम जारी रखने के निर्देश दिए। राहगीरों ने भी बच्चों की इस हालत को देख हैरानी जताई है। अब इस मामले में विभागीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी है। फोन करने पर भी अधिकारियों ने नहीं दिया जवाब जब छात्रावास और जनजाति कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो किसी ने फोन नहीं उठाया। विभाग की सहायक आयुक्त पूजा द्विवेदी को भी संपर्क किया गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।


