भास्कर न्यूज | जशपुरनगर कलेक्टर रोहित व्यास ने बुधवार को जिले के विकासखंड बगीचा अंतर्गत ग्राम पंचायत सुलेसा का दौरा कर शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम एवं शासकीय प्राथमिक शाला का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की और जनसेवा में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी पर कड़ा रुख अपनाया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार भी उनके साथ उपस्थित रहे। कलेक्टर के दौरे से प्रशासनिक अमले में सक्रियता देखने को मिली। निरीक्षण के दौरान ग्रामीण सचिवालय में करारोपण अधिकारी की लगातार अनुपस्थिति की शिकायत सामने आई। इस पर कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए करारोपण अधिकारी मनराज सिंह पैंकरा की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसेवा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शासकीय कार्यों में अनुशासन सर्वोपरि है। कलेक्टर ने सबसे पहले 100 सीटर शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के रहने, खाने और स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण में यह देखने को मिला कि आश्रम के शयन कक्षों के नाम महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीद भगत सिंह, सुभाषचंद्र बोस और चंद्रशेखर आज़ाद के नाम पर रखे गए हैं। कलेक्टर ने इस अनूठी पहल की सराहना की। शौचालय की नियमित सफाई करने के निर्देश कलेक्टर ने हास्टल में चादर, तकिया कवर और शौचालय की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आश्रम भवन के रंग-रोगन और आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द कराने को कहा। बच्चों के बौद्धिक विकास को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने परिसर में भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख पदों पर आसीन व्यक्तियों के नामों की सूची प्रदर्शित करने तथा समय-समय पर उसे अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए। आश्रम निरीक्षण के बाद कलेक्टर रोहित व्यास शासकीय प्राथमिक शाला सुलेसा पहुंचे। यहां उन्होंने बच्चों के बीच बैठकर उनसे संवाद किया और शिक्षा के महत्व को समझाते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, पसंदीदा विषय और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी चर्चा की।


