15 अप्रैल को घर से गायब हुए 23 वर्षीय रजनीश को तलाशने में ग्वालियर पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई है। सोमवार को हाई कोर्ट में हुई सुनवाई में पुलिस ने बताया -17 अप्रैल को पिता रामगोपाल की सूचना पर गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जबकि 16 अप्रैल को ही पुरानी छावनी पुलिस को अज्ञात शव मिला था। मुरार पुलिस का इस ओर ध्यान इसलिए नहीं गया, क्योंकि पुरानी छावनी ने अज्ञात शव के संबंध में जो जानकारी पोर्टल पर अपलोड की थी। वह सर्वर में गड़बड़ी के चलते दिखी नही। बाद में जब प्रत्येक थाने से मैनुअल जानकारी मांगी गई तब मर्ग की जानकारी मिली। शव रामगोपाल के पुत्र रजनीश का है या नहीं, इसके लिए डीएनए सैंपल लेकर एफएसएल लैब, सागर में भेज दिया है। मामले की सुनवाई अब जनवरी के तीसरे सप्ताह में होगी। शासकीय अधिवक्ता अजय निरंकारी ने बताया- रामगोपाल निवासी हरनामपुरा बजरिया, ठाटीपुर ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। इसमें पूनम प|ी आशीष सखवार निवासी सिकंदर कंपू, भरत सखवार, उसकी प|ी कांता सखवार पर 23 वर्षीय बेटे को बंदी बनाने का आरोप लगाया है। बेटे की 19 अप्रैल 2024 को शादी होना थी। पहले पुलिस में गुमशुदगी का आवेदन दिया। 17 अप्रैल 2024 को मुरार पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की। इसके भी जब कुछ पता नहीं चला तो कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करनी पड़ी। पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, युवक की मौत ट्रेन से कटने के कारण हुई है। शरीर पर मृत्यु पूर्व चोट के निशान नहीं हैं। ये है पुलिस की 2 बड़ी खामियां


