भास्कर न्यूज | महासमुंद महासमुंद नगर स्थित डायट में अटल इनोवेशन मिशन, समग्र शिक्षा, जिला शैक्षिक और विज्ञान परिषद व इंटेल डिजिटल रेडीनेस के संयुक्त तत्वावधान में जिले के 40 विद्यार्थियों के लिए पांच दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित कार्यशाला का आयोजन 24 से 28 मार्च को किया गया। कार्यशाला के अंतिम दिवस शुक्रवार को सभी ने अपने बनाए प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण अतिथियों के समक्ष किया। जिला पंचायत सीईओ एस आलोक ने कहा कि आज जिस क्लास में बच्चे एआई को समझ रहे हैं, एक समय एआई इंजीनियरिंग के छात्रों को भी नहीं पढ़ाया जाता था। आज न सिर्फ विज्ञान बल्कि कला, उद्योग, पर्यटन, सभी क्षेत्रों में एआई का उपयोग हो रहा है। उन्होंने जिले में महिला स्व सहायता समूहों के बनाए जा रहे उत्पादों की मार्केटिंग में एआई टूल्स के उपयोग का आह्वान किया। उन्होंने जिले के सभी स्कूलों में सर्वप्रथम शिक्षकों को एआई प्रशिक्षित कर अध्यापन में इसके उपयोग करने के लिए योजना बनाए जाने की बात कही। डीईओ मोहन राव सावंत ने सभी प्रशिक्षार्थी छात्रों को सीखे गए सभी टूल्स का नियमित अभ्यास करते हुए नए एआई मॉडल्स बनाने के लिए प्रेरित किया। डीएमसी रेखराज शर्मा व सहायक संचालक सतीश नायर ने छात्रों को नियमित अभ्यास करते रहने और अपने अपने स्कूलों में जाकर अन्य छात्रों को भी सिखाने का निर्देश दिया। कार्यशाला के चौथे दिन विद्यार्थियों ने नो कोड मॉडल से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रोजेक्ट बनाना सिखा, छात्रों ने विभिन्न ऐ आई टूल्स टेबलू, टीचेबल मशीन और ऑरेंज डेटा माइनिंग का उपयोग कर प्रॉब्लम सॉल्विंग प्रोजेक्ट बनाया। इस अवसर पर विकास यादव, लिलिमा साहू, ईशा शुक्ला, जगदीश सिन्हा, सुबोध तिवारी, ईश्वर चंद्राकर मौजूद थे। आयुष बाजपेई, रूपाली यादव और साहिबा परवीन ने टेब्लू आधारित एआई प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण किया। रुचि सिन्हा, जागृति सिन्हा और निशा पटेल ने टीचेबल मशीन आधारित एआई प्रोजेक्ट, क्षितिज पाण्डेय, डोलमणि दास और क्षितिज देवांगन, रानी ध्रुव छाया ने टेब्लू और ऑरेंज डेटा माइनिंग प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया।


