आगर मालवा के गणेशपुरा मंडल में रविवार को हिंदू सम्मेलन हुआ, जिसमें 8 गांवों के करीब 1500 लोग इकट्ठा हुए। इस दौरान समाज की एकता और सेवा को लेकर चर्चा की गई और कार्यक्रम के आखिर में सभी ने साथ मिलकर ‘समरसता भोज’ किया। मुख्य वक्ता सोहन विश्वकर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने 100 साल के सफर में कई मुश्किलों और पाबंदियों का सामना किया, लेकिन आज यह एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। उन्होंने कहा कि संघ ने शिक्षा, युवाओं और मजदूरों के बीच अलग-अलग संगठनों के जरिए सेवा और अच्छे संस्कार देने का काम किया है। साथ ही राम मंदिर आंदोलन और अमरनाथ श्राइन बोर्ड जैसे मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। समाज में 5 बड़े बदलावों की अपील सम्मेलन में मनीषा दुबे ने लोगों से ‘पंच परिवर्तन’ को अपनाने की बात कही। उन्होंने पर्यावरण को बचाने, परिवार में अच्छे संस्कार देने, स्वदेशी सामान का इस्तेमाल करने, समाज में छुआछूत मिटाने और अनुशासन का पालन करने की अपील की। पंडित राधेश्याम दुबे ने भी हिंदू संस्कृति की खूबियों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ।


